एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ने कहा है कि हमारा गुट ही असली शिवसेना है। हमलोगों को अयोग्य ठहराने की धमकी दी जा रही है, लेकिन हम इससे डरने वाले नहीं हैं। हम आपके खेल और कानून को भी समझते हैं। 

मुंबई। महाराष्ट्र में चल रहा राजनीतिक संकट (Maharashtra Political crisis) जारी है। शिवसेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) को करारा जवाब दिया है। शिंदे ने कहा है कि हमारा गुट ही असली शिवसेना है। हमलोग डरने वाले नहीं हैं। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले शिवसेना के धड़े द्वारा बागी विधायकों की सदस्यता रद्द करने की मांग किए जाने पर मंत्री एकनाथ शिंदे ने यह जवाब दिया है। उन्होंने दावा किया है कि उनके नेतृत्व वाला समूह असली शिवसेना है। हमलोगों को अयोग्य ठहराने की धमकी दी जा रही है, लेकिन हम इससे डरने वाले नहीं हैं। 

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12 विधायकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
शिवसेना के 37 विधायकों और 10 निर्दलीय विधायकों के साथ गुवाहाटी में डेरा डाले शिंदे ने कहा कि संविधान की 10वीं अनुसूची के अनुसार विधायिका की कार्यवाही के लिए पार्टी द्वारा व्हिप जारी किया जाता है, न कि बैठक में भाग लेने के लिए। बता दें कि ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने बुधवार को विधायक दल की बैठक में शामिल नहीं होने के लिए शिंदे खेमे के 12 विधायकों को अयोग्य ठहराने की मांग की है।

बालासाहेब ठाकरे के प्रति वफादार हैं 
इसका जवाब देते हुए शिंदे ने कहा कि इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट के कई फैसले हैं। आप किसे डराने की कोशिश कर रहे हैं? हम आपके खेल और कानून को भी समझते हैं। आप हमारे 12 विधायकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग नहीं कर सकते। हम बालासाहेब ठाकरे के प्रति वफादार हैं और असली शिवसेना और शिव सैनिक हैं। वास्तव में, हम आपके खिलाफ कोई संख्या नहीं होने के बावजूद एक गुट बनाने के लिए कार्रवाई की मांग करते हैं।

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गौरतलब है कि पार्टी से बगावत करने के चलते शिंदे को महाराष्ट्र विधानसभा में शिवसेना के समूह नेता के पद से बर्खास्त कर दिया गया था। पार्टी ने उनकी जगह अजय चौधरी को नियुक्त किया है। हालांकि, विद्रोही गुट ने शिंदे को अपने समूह के नेता के रूप में बनाए रखने का एक प्रस्ताव पारित किया है और सुनील प्रभु के स्थान पर भरत गोगावाले को मुख्य सचेतक नियुक्त किया है। प्रभु ने बागियों को पत्र भेजकर बुधवार शाम को मुंबई में विधायक दल की बैठक में भाग लेने या दलबदल विरोधी कानून के तहत कार्रवाई का सामना करने के लिए कहा था।

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