फ्लोर टेस्ट से पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा कि मैं विधान परिषद के सदस्य के पद से भी इस्तीफा दे रहा हूं।

मुंबई। महाराष्ट्र में फ्लोर टेस्ट (Maharashtra Political Crisis) से पहले मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा, "मैं विधान परिषद से भी इस्तीफा दे रहा हूं। जिसे मैंने बहुत कुछ दिया वो आज नाराज हैं। वे मेरे खिलाफ हैं। जिसे मैंने कुछ नहीं दिया वो मेरे साथ हैं। मेरे पास शिवसेना है। यह हमसे कोई नहीं छीन सकता। मैं कल से शिवसेना भवन जाऊंगा। नहीं चाहता कि शिवसैनिकों का खून बहे। 

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

इस्तीफा देने के लिए उद्धव ठाकरे खुद कार ड्राइव कर राज्यपाल के पास पहुंचे। राज्यपाल को इस्तीफा सौंपने के बाद लौटते समय उद्धव ठाकरे मंदिर में गए और पूजा अर्चना किया। उद्धव ठाकरे के साथ उनके बेटे आदित्य ठाकरे भी थे। उन्होंने कहा कि लोगों का प्यार आज दिख रहा है।

सोशल मीडिया पर अपने संबोधन में उद्धव ठाकरे ने कहा, 'जिनको जो देना था दिया, जो भी संभव था दिया। कई लोग मुझसे मिल रहे हैं। जिसको दिया वो नाराज हैं, जिसे कुछ नहीं दिया, वो मेरे साथ हैं। बागी अब ठाकरे परिवार को भूल गए हैं। आपको नाराजगी किससे है। आप अगर बोलते कि हमें बात करनी है तो मैं बात करता। मैं आपकी भावनाओं का आदर करता हूं। आपको भी आकर मुझसे बात करनी चाहिए थी। नाराजगी थी तो मुझे आकर बताते।' 

यह भी पढ़ें- औरंगाबाद का नाम संभाजी नगर तो उस्मानाबाद बना धाराशिव, जानें अब तक किन-किन शहरों के नाम बदले जा चुके

मुझे फ्लोर टेस्ट से कोई मतलब नहीं
उद्धव ठाकरे ने कहा, 'शिवसैनिकों को नोटिस भेजा जा रहा है। शिवसैनिकों को बाहर निकलने से रोका जा रहा है। सीआरपीएफ और केंद्रीय बलों के जवान मुंबई आ रहे हैं। मैं नहीं चाहता कि शिव सैनिक बाहर निकलें और सड़क पर उनका खून बहे। राज्यपाल ने फ्लोर टेस्ट का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने भी फ्लोर टेस्ट को कहा है। मुझे कल होने वाले फ्लोर टेस्ट से कोई मतलब नहीं है। मेरे पास कितने लोग हैं, इससे मुझे कोई मतलब नहीं है। आप जिनके साथ जाने वाले हैं, जाएं। आप शायद बहुमत सिद्ध कर देंगे। जिन लोगों को शिवसेना ने राजनैतिक जन्म दिया। उन लोगों ने बालासाहेब ठाकरे के बेटे को मुख्यमंत्र पद से उतारने का पुण्य पाया है। आपको बड़ा करने का पुण्य मैंने किया है, उसका फल भोग रहा हूं। कल आप जाकर लोगों को बताइएगा कि बाला साहेब ठाकरे ने मुझे इतना बड़ा बनाया और मैंने उनके बेटे को सीएम के पद से उतारा।' 

यह भी पढ़ें- महाराष्ट्र में सियासी बदलाव तेज, राज्यपाल से मिले फडणवीस, बोले-उद्धव सरकार अल्पमत में, फ्लोर टेस्ट का दें आदेश

55 में से 39 विधायकों ने किया बगावत
गौरतलब है कि एकनाथ शिंदे समेत शिवसेना के 39 विधायकों ने पार्टी से बगावत कर दिया है। बागी विधायक पहले गुजरात फिर गुवाहाटी गए थे। गुरुवार को होने वाले फ्लोर टेस्ट के लिए शिवसेना के बागी विधायक गोवा चले आए हैं। एकनाथ शिंदे ने दावा किया है कि उनके साथ 50 विधायक हैं। पार्टी में बगावत के चलते उद्धव ठाकरे के लिए सदन में बहुमत साबित करना कठिन था। राज्यपाल ने 30 जुलाई को फ्लोर टेस्ट का आदेश दिया तो शिवसेना ने उसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। सुप्रीम कोर्ट ने फ्लोर टेस्ट पर रोक नहीं लगाया तो उद्धव ठाकरे ने इस्तीफा दे दिया।