बता दें कि महाराष्ट्र में शिवसेना नेताओं की बगावत के बीच राज्यपाल कोश्यारी के कोरोना पॉजिटव होने की खबरें आईं थी। जिसके बाद उन्हें रिलायंस हॉस्पिटल में एडमिट किया गया था। महाराष्ट्र में जारी सियासी घटनाक्रम में अभी तक राजभवन का कोई हस्ताक्षेप नहीं था।  

मुंबई. महाराष्ट्र में जारी सियासी घटनाक्रम के बीच एक बड़ी खबर है। राज्य के गवर्नर भगत सिंह कोश्यारी कोरोना को मात देकर वापस राजभवन लौट गए हैं। रविवार को उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। बता दें कि महाराष्ट्र में शिवसेना नेताओं की बगावत के बीच राज्यपाल कोश्यारी के कोरोना पॉजिटव होने की खबरें आईं थी। जिसके बाद उन्हें रिलायंस हॉस्पिटल में एडमिट किया गया था। 

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बढ़ सकती है राज्यपाल की सक्रियता
महाराष्ट्र में जारी सियासी घटनाक्रम में अभी तक राजभवन का कोई हस्ताक्षेप नहीं था। माना जा रहा है कि भगत सिंह कोश्यारी की वापसी के बाद अब राजभवन भी सक्रिय भूमिका में आ सकता है। बता दें कि इससे पहले मध्यप्रदेश में इसी तरह के हालात बने थे जिसके बाद राजभवन एक्टिव था। एमपी के तत्कालीन गवर्नर लालजी टंडन ने कई लेटर लिखे थे। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष को फ्लोर टेस्ट कराने को लेकर भी लेटर लिखा था।

महाराष्ट्र में कैसे शुरू हुई बगावत
महाराष्ट्र में विधान परिषद के चुनाव के बाद राज्य के नगर विकास मंत्री और शिवसेना के सीनियर लीडर एकनाथ शिंदे कुछ विधायकों के साथ सूरत (गुजरात) पहुंचे। पहले दावा किया गया कि उनके साथ 15 से 20 विधायक हैं। धीरे-धीरे बागी विधायकों का कुनबा बढ़ता चला गया। शिंदे बागी विधायकों के साथ अब गुवहाटी में ठहरे हुए हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा- कि वो बाला साहेब के सच्चे सिपाही हैं और सच्चे शिवसैनिक। 

राजनीतिक हलचलें तेज
महाराष्ट्र के राजनीतिक हालात रोज बदल रहे हैं। असम के गुवाहाटी में बैठे शिवसेना के बागी विधायकों के साथ आज एकनाथ शिंदे ने फिर से बैठक की है। वहीं, दूसरी तरफ डिप्टी स्पीकर दिए गए नोटिस के खिलाफ कोर्ट जाने की भी तैयारी हो रही है।

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