सोमवार को मुंबई के सत्र न्यायालय ने गैंगस्टर छोटा राजन और तीन अन्य को यह वसूली के आरोप में यह सजा सुनाई है। छोटा राजन के ऊपर आरोप था कि उसने अपने गुर्गों को बोलकर साल 2015 में पनवेल के बिल्डर नंदू वाजेकर को धमका कर रंगदारी मांगी थी। 

मुंबई (महाराष्ट्र). मायानगरी मुंबई की विशेष CBI अदालत ने अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन को जबरन वसूली के मामले में दो साल कैद की सजा सुनाई है। बता दें कि छोटा राजन पर एक बिल्डर को धमकाने और उससे 26 करोड़ की रंगदारी मांगने का आरोप था।

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5 साल बाद हुई इस मामले में सुनवाई
दरअसल, सोमवार को मुंबई के सत्र न्यायालय ने गैंगस्टर छोटा राजन और तीन अन्य को यह वसूली के आरोप में यह सजा सुनाई है। छोटा राजन के ऊपर आरोप था कि उसने अपने गुर्गों को बोलकर साल 2015 में पनवेल के बिल्डर नंदू वाजेकर को धमका कर रंगदारी मांगी थी। जिसको लेकर आज सुनवाई हुई।

पुलिस ने कोर्ट में पेश किए यह सबूत
मुंबई पुलिस ने बिल्डर नंदू वाजेकर के धमकी वाले मामले में उसके दफ्तर से ऑफिस में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाला था, जिसमें डॉन राजन बिल्डर को धमकाते हुए दिख रहा था। पुलिस ने यही सबूत अदालत में पेश किए थे। जो गैंगस्टर की सजा के आधार बने।

यह है पूरा मामला
बता दें कि बिल्डर नंदू वाजेकर ने साल 2015 में पुणे के पॉश इलाके में एक जमीन खरीदी थी। जिसके बदले में एजेंट परमानंद ठक्कर को 2 करोड़ रुपये कमीशन के तौर पर देने की बात तय हुई थी। लेकिन एजेंट को और पैसे चाहिए थे जो नंदू देना नहीं चाहता था। दोनों में इसे लेकर कहासुनी भी हुई थी। इसके बाद एजेंट ने छोटा राजन से संपर्क साधा और बिल्डर को धमकाकर दो करोड़ रुपए वसूलने का कहा था।