शिवसेना सांसद संजय राउत को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कई घंटों तक चली पूछताछ के बाद रविवार को हिरासत में ले लिया। संजय राउत और उनकी पत्नी से फिलहाल मुंबई के पात्रा चॉल जमीन घोटाले को लेकर जांच चल रही है। आखिर कौन हैं संजय राउत की पत्नी और क्या करती हैं? आइए जानते हैं। 

Sanjay Raut Wife Varsha: शिवसेना सांसद संजय राउत को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कई घंटों तक चली पूछताछ के बाद रविवार को हिरासत में ले लिया। दरअसल, संजय राउत से 1034 करोड़ के पात्रा चॉल जमीन घोटाले को लेकर ईडी पूछताछ कर रही है। ईडी ने जब राउत को हिरासत में लिया तो वे भगवा दुपट्टा लहराते और विक्ट्री साइन दिखाते नजर आए। बता दें कि इस घोटाले में ईडी न सिर्फ संजय राउत बल्कि उनकी पत्नी से भी पूछताछ कर रहा है। 

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कौन हैं संजय राउत की पत्नी?
संजय राउत की पत्नी (Sanjay Raut Wife Name) का नाम वर्षा राउत है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वर्षा मुंबई में भांडुप के एक स्कूल में टीचर हैं। इसके साथ ही वो फिल्म प्रोड्यूस करने का काम भी करती हैं। वर्षा वैसे पॉलिटिकल लाइमलाइट से दूर ही रहती हैं। लेकिन इस समय पात्रा चॉल घोटाले को लेकर ईडी ने उन्हें भी रडार पर लिया है। वर्षा और संजय राउत की दो बेटियां पूर्वांशी और विदिता हैं।

क्यों चर्चा में आईं वर्षा राउत?
वर्षा राउत इस समय पात्रा चॉल जमीन घोटाले की वजह से चर्चा में हैं। दरअसल, ईडी इस घोटाले को लेकर जांच कर रही है। इससे पहले महाराष्ट्र में कोरोना काल के दौरान 2020 में PMC बैंक घोटाला सामने आया था। तब पता चला था कि पात्रा चाल घोटाले के एक आरोपी प्रवीण राउत की पत्नी माधुरी के बैंक खाते से वर्षा राउत के खाते में 55 लाख रुपए ट्रांसफर किए गए थे। ED की टीम अब इसी बात की जांच कर रही है कि ये ट्रांजेक्शन क्यों किया गया। आरोप है कि संजय राउत ने इन्हीं पैसों से दादर में एक फ्लैट खरीदा था। 

इतनी प्रॉपर्टी की मालकिन हैं वर्षा राउत?
संजय राउत 2014-15 में जो चुनावी हलफनामा दिया था, उसके मुताबिक उनकी पत्नी वर्षा राउत की आय 13,15, 254 रुपए थी। वहीं, कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय के रिकॉर्ड की मानें तो वर्षा राउत रायटर एंटरटेनमेंट एलएलपी के अलावा सनातन मोटर्स प्राइवेट लिमिटेड और सिद्धांत सिस्कोन प्राइवेट लिमिटेड की पार्टनर भी हैं।

क्या है पात्रा चॉल जमीन घोटाला?
पात्रा चॉल मुंबई के गोरेगांव में बनी है। यह महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवेलपमेंट अथॉरिटी (MHADA) की जमीन है। इसमें 1034 करोड़ का घोटाला होने का आरोप है। जिस जमीन पर ये फ्लैट रिडेवलप होने थे, उसका एरिया 47 एकड़ था। गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन ने MHADA को धोखे में रख बिना फ्लैट बनाए ही ये जमीन 9 बिल्डरों को बेच दी। इससे उसे 902 करोड़ रुपए का फायदा हुआ। आरोप है कि रियल एस्टेट कारोबारी प्रवीण राउत ने पात्रा चॉल में रह रहे लोगों से धोखा किया। एक कंस्ट्रक्शन कंपनी को इस भूखंड पर 3000 फ्लैट बनाने का काम मिला था। इनमें से 672 फ्लैट पहले से यहां रहने वालों को देने थे। बाकी MHADA और उक्त कंपनी को दिए जाने थे। लेकिन 2011 में इस जमीन के कुछ हिस्सों को दूसरे बिल्डरों को बेच दिया गया। 

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