महाराष्ट्र सरकार में कांग्रेस और राकांपा की सहयोगी पार्टी शिवसेना बृहस्पतिवार को यहां नागरिकता (संशोधन) विधेयक के खिलाफ विभिन्न संगठनों के मोर्चे में शामिल नहीं है


मुंबई: महाराष्ट्र सरकार में कांग्रेस और राकांपा की सहयोगी पार्टी शिवसेना बृहस्पतिवार को यहां नागरिकता (संशोधन) विधेयक के खिलाफ विभिन्न संगठनों के मोर्चे में शामिल नहीं है। मुंबई कांग्रेस के अध्यक्ष एकनाथ गायकवाड़ से जब पूछा गया कि शिवसेना 'हम भारत के लोग' नामक मोर्चे का हिस्सा क्यों नहीं है तो उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन गैर-सरकारी संगठनों ने आयोजित किया है, उनकी पार्टी ने नहीं।

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गायकवाड़ ने मीडिया से कहा, "नागरिक समूहों ने कांग्रेस, राकांपा और अन्य पार्टियों को प्रदर्शन में शामिल होने का निमंत्रण दिया था। अगर कांग्रेस ने यह प्रदर्शन आयोजित किया होता तो हम महाराष्ट्र विकास आघाड़ी (शिवसेना, कांग्रेस और राकांपा का गठबंधन) के सभी साझेदारों को आमंत्रित करते।"

शिवसेना ने इससे पहले लोकसभा में विवादित नागरिकता संशोधन विधेयक का समर्थन किया था, लेकिन राज्यसभा में इसपर मतदान के दौरान वह यह कहते हुए वॉकआउट कर गई थी कि विधेयक को लेकर पार्टी के सवालों का जवाब नहीं दिया गया।

'हम भारत के लोग' मोर्चे के सदस्य फिरोज मीटीबोरवाला ने कहा कि उन्होंने संशोधित नागरिकता कानून और राष्ट्री नागरिक पंजी (एनआरसी) के खिलाफ प्रदर्शन के लिये नागरिक समूहों को साथ लेकर अखिल भारतीय मंच बनाया है।

उन्होंने कहा, "हम शिवसेना को मंच में शामिल करने को लेकर उसके साथ संपर्क में हैं। उद्धव जी (शिवसेना प्रमुख और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री) ने आज अगस्त क्रांति मैदान में प्रदर्शन के लिये हमारी मदद की है।" इससे पहले 'हम भारत के लोग' मोर्चे की ओर से जारी एक विज्ञप्ति जारी कर नागरिकता (संशोधन) कानून और एनआरसी को "असंवैधानिक तथा भेदभावपूर्ण" करार दिया।

(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)