रविवार को महाराष्ट्र में 10 सीटों पर हुए विधानपरिषद की चुनाव में भाजपा को 134 वोट मिले थे। जबकि भाजपा के पास 106 और उसके सहयोगियों के पास मात्र 7 विधायक थे। एकनाथ शिंदे पहले भी कई बार विरोध कर चुके हैं। 

मुंबई. शिवसेना के सीनियर लीडर एकनाथ शिंदे (eknath shinde) अपनी ही पार्टी और सरकार के खिलाफ बागी हो गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, करीब 25 विधायकों के साथ एकनाथ शिंदे महाराष्ट्र से गुजरात चले गए हैं। वहीं, दूसरी तरफ मुंबई से लेकर दिल्ली तक की सियासी हलचलें तेज हो गई हैं। शिवसेना, भाजपा पर सरकार गिराने का आरोप लगा रही है। इसी बीच केन्द्रीय मंत्री नारायण राणे ने एकनाथ शिंदे के फैसले को सही बताया है। 

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

क्या कहा नारायण राणे ने
केन्द्रीय मंत्री नारायण राणे ने एकनाथ शिंदे के फैसले को सही बताते हुए कहा- उन्होंने सही समय पर सही फैसला किया है। बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में शिवसेना और एनसीपी को तब बड़ा झटका लगा था जब बिना संख्या बल के भाजपा के 5 उम्मीदवार चुनाव जीत गए थे। 

भाजपा को मिले थे 134 वोट
रविवार को महाराष्ट्र में 10 सीटों पर हुए विधानपरिषद की चुनाव में भाजपा को 134 वोट मिले थे। जबकि भाजपा के पास 106 और उसके सहयोगियों के पास मात्र 7 विधायक थे। संख्याबल के हिसाब से भाजपा के खाते में 4 सीटें जानी थी लेकिन 134 वोट मिलने के कारण भाजपा के 5 कैंडिडेट्स अपना चुनाव जीत गए। इससे पहले 10 जून को हुए राज्यसभा चुनाव में भी भाजपा को अधिक वोट मिले थे। 

शिंदे ने किया ट्वीट
हालांकि बागी तेवर के बीच एकनाथ शिंदे ने एक ट्वीट कर खुद को सच्चा शिवसैनिक बताया है। उन्होंने कहा कि वह सत्ता के लिए धोखा नहीं देंगे। वहीं, दूसरी तरफ शिवसेना ने उन्हें विधायक दल के नेता के पद से हटा दिया है। महाराष्ट्र के घटनाक्रम को देखते हुए दिल्ली में भी सियासी हलचलें बढ़ गई हैं। बता दें कि एकनाथ शिंदे 1980 से शिवसेना से जुड़े हुए हैं औऱ मौजूदा समय में उनके पास उद्धव सरकार का नगर विकास मंत्रालय है। 

इसे भी पढ़ें- अग्निपथ पर उद्धव ठाकरे की सरकार: शिव 'सेना' में बगावत, 25 MlAs को लेकर मातोश्री के वफादार मंत्री हुए 'फरार'

क्यों नाराज हुए उद्धव के करीबी एकनाथ शिंदे, माने जाते हैं ठाकरे परिवार के बाद सबसे ताकतवर 'शिवसैनिक'