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सुरक्षाबलों ने कुपवाड़ा में LOC पर विदेशी आतंकवादी मार गिराया, शोपियां में 10 कश्मीरी पंडित फैमिली का पलायन

सुरक्षाबलों ने जम्मू-कश्मीर में एक विदेशी आतंकी को मार गिराने में सफलता पाई है। कुपवाड़ा में एलओसी के पास सुदपोरा में यह विदेशी आतंकी मारा गया।  इस बीच शोपियां में 10 कश्मीरी पंडित परिवारों ने समुदाय के सदस्य की आतंकवादियों द्वारा हत्या के बाद अपना गांव छोड़ दिया। 

10 Kashmiri Pandit families leave their village in Shopian after target killing, foreign terrorist encounter kpa
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First Published Oct 26, 2022, 9:41 AM IST

श्रीनगर. सुरक्षाबलों ने जम्मू-कश्मीर में एक विदेशी आतंकी को मार गिराने में सफलता पाई है। कुपवाड़ा में एलओसी के पास सुदपोरा में यह विदेशी आतंकी मारा गया। पुलिस के अनुसार, आतंकी के पास से हथियार और गोला-बारूद सहित आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई है।  इस बीच शोपियां में 10 कश्मीरी पंडित परिवारों ने समुदाय के सदस्य की आतंकवादियों द्वारा हत्या के बाद अपना गांव छोड़ दिया। पढ़िए पूरी जानकारी...

पढ़िए पूरी डिटेल्स...
हाल ही में आतंकवादियों द्वारा कई टार्गेट किलिंग को अंजाम देने के बाद 10 कश्मीरी पंडित परिवार डर के मारे दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले में अपना गांव छोड़कर जम्मू पहुंच गए हैं। चौधरीगुंड के निवासियों ने कहा कि हाल के आतंकवादी हमलों ने उन पंडितों के बीच एक मानसिक भय पैदा कर दिया है, जो 1990 के दशक में आतंकवाद के सबसे कठिन दौर में कश्मीर में रहते थे और अपना घर नहीं छोड़ते थे। (File Photo)

कश्मीरी पंडित पूरन कृष्ण भट को 15 अक्टूबर को शोपियां जिले के चौधरीगुंड गांव में उनके पुश्तैनी घर के बाहर आतंकवादियों ने गोली मार दी थी। शोपियां में ही 18 अक्टूबर को मोनीश कुमार और राम सागर को आतंकवादियों ने ग्रेनेड हमले में मार दिया था, जब वे अपने किराए के आवास में सो रहे थे।  मौत की धमकी का सामना करने वाले चौधरीगुंड गांव के निवासी ने हाल ही में मीडिया को बताया, "35 से 40 कश्मीरी पंडितों वाले दस परिवार डर के कारण हमारे गांव से बाहर चले गए हैं।"

उन्होंने कहा कि गांव अब खाली हो गया है। एक अन्य ग्रामीण ने कहा, "हमारे लिए कश्मीर घाटी में रहने के लिए स्थिति अनुकूल नहीं है। हम हत्याओं के कारण डर में जी रहे हैं। हमारे लिए कोई सुरक्षा नहीं है।" ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार सुरक्षा की गुहार लगाने के बावजूद उनके गांव से दूर एक पुलिस चौकी बनाई गई है। उन्होंने कहा कि उन्होंने सब कुछ अपने घरों में छोड़ दिया है। यहां तक ​​कि हाल ही में सेब की फसल भी छोड़ दी है। जो लोग जम्मू पहुंचे हैं वे अपने रिश्तेदारों के साथ रह रहे हैं। 

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