नागरिकता कानून के विरोध में देश के कई हिस्सों में प्रदर्शन हो रहे हैं। इस बीच खबर है कि इस कानून के समर्थन में देश के विभिन्न यूनिवर्सिटी से 1100 बुद्धिजीवी और शिक्षक आ गए हैं। इन्होंने विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों से अपील की है।

नई दिल्ली. नागरिकता कानून के विरोध में देश के कई हिस्सों में प्रदर्शन हो रहे हैं। इस बीच खबर है कि इस कानून के समर्थन में देश के विभिन्न यूनिवर्सिटी से 1100 बुद्धिजीवी और शिक्षक आ गए हैं। इन्होंने विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों से अपील की है संयम बरते और सांप्रदायिकता और अराजकतावाद को बढ़ावा देने वाले प्रोपगेंडा में न फंसें।

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डीयू और जेएनयू के प्रोफेसर शामिल
इस बयान पर हस्ताक्षर करने वालों में दिल्ली विश्विद्यालय के प्रोफेसर प्रकाश सिंह, जेएनयू के डॉक्टर प्रमोद कुमार, प्रोफेसर आएनुल हसन, प्रोफेसर अश्विनी महापात्रा और प्रोफेसर मजहर आसिफ, आईआईएम शिलांग के निदेशक शिशिर बिजौरिया और राज्यसभा सांसद और स्तंभकार स्वप्न दासगुप्ता शामिल हैं।

"पुरानी मांग को किया गया पूरा"
समर्थन में आए लोगों ने कहा कि नागरिकता कानून उस पुरानी मांग को पूरा करता है जो सालों से पाकिस्तान और बांग्लादेश के अल्पसंख्यक कर रहे हैं। इस कानून के लिए उन्होंने मोदी सरकार और भारत की संसद का धन्यवाद किया है।