कोरोना वायरस और लॉकडाउन के चलते विदेशों में फंसे भारतीयों को वंदे भारत मिशन के तहत भारत लाया जा रहा है। विदेश से आने वाले यात्रियों में संक्रमण को देखते हुए अब स्वास्थ्य ने उनके लिए नई गाइडलाइन जारी की है। इसके मुताबिक, अब लोगों को 14 दिन अनिवार्य क्वारंटाइन में रहना होगा। 

नई दिल्ली. कोरोना वायरस और लॉकडाउन के चलते विदेशों में फंसे भारतीयों को वंदे भारत मिशन के तहत भारत लाया जा रहा है। विदेश से आने वाले यात्रियों में संक्रमण को देखते हुए अब स्वास्थ्य ने उनके लिए नई गाइडलाइन जारी की है। इसके मुताबिक, अब लोगों को 14 दिन अनिवार्य क्वारंटाइन में रहना होगा। इनमें से 7 दिन सरकारी क्वारंटाइन सेंटर में और 7 दिन आइसोलेशन में रह सकेंगे। लेकिन सरकारी सेंटर में रुकने पर खर्च भी व्यक्ति को उठाना पड़ेगा। 5 मई को शुरू हुए वंदे भारत मिशन के तहत अब तक 20 हजार भारतीयों को वापस लाया जा चुका है। 

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गाइडलाइन में हैं ये शर्तें

- यात्रा से पहले ही यात्री को लिखकर देना होगा कि वह 14 दिन क्वारंटाइन के लिए तैयार है। इसके अलावा उसे 7 दिन का क्वारंटाइन सेंटर का खर्च भी उठाना पड़ेगा। 7 दिन वह अपने घर रह आइसोलेशन पर रह सकता है। 

- हालांकि, इस नियम से गर्भवती महिला, तनावग्रस्त शख्स, परिवार में मृत्यु या गंभीर बीमारी के वक्त आए नागरिक या 10 साल से छोटे बच्चों के साथ पैरेंट्स को छूट दी गई है। ऐसे लोग 14 दिन तक घर में ही होम क्वारंटाइन रहेंगे।

- प्लेन टिकट पर यात्रा के दौरान क्या करें या ना करें ये अंकित करना होगा।

- सभी यात्रियों के फोन में आरोग्य ऐप हो। 

- विमान में चढ़ने से पहले स्क्रीनिंग की जाएगी। बिना लक्षण वाले लोगों को यात्रा की अनुमति दी जाएगी।

- बोर्डिंग और एयरपोर्ट पर सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करना होगा।

- विमान में सैनिटाइजेशन और डिस्इंफेक्शन की व्यवस्था होनी चाहिए। 

- एयरपोर्ट या यात्रा के वक्त मास्क पहनना जरूरी है। 

- एयरपोर्ट पर उतरते वक्त भी स्क्रीनिंग की जाएगी।

- स्क्रीनिंग के वक्त किसी यात्री को लक्षण दिखते हैं तो उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में भेजना होगा।