एनआईए ने अपनी स्थापना के बाद से अब तक 497 मामले दर्ज किए हैं। इनमें से 67 मामलों में फैसला सुनाया गया है, जिनमें से 65 मामलों में आरोपियों पर दोष सिद्ध हुआ है। 

नई दिल्ली। भारत में आतंकी गतिविधियों की रोकधाम और आतंकी संगठनों व उनके मददगारों को पकड़ने के लिए भारत सरकार ने एनआईए (National Investigation Agency) की स्थापना की थी। आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई में यह एजेंसी शानदार काम कर रही है। एनआईए ने अब तक आतंकवाद के 497 मामले दर्ज किए हैं। इनमें से 67 मामलों में फैसला सुनाया गया है, जिनमें से 65 मामलों में दोष सिद्ध हुआ है और देश के दुश्मनों को सजा मिली।

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केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बुधवार को एक सवाल के जवाब में राज्यसभा में कहा कि 2 दिसंबर तक एनआईए ने 497 मामले दर्ज किए हैं। 2019 से 2022 (2 दिसंबर, 2022 तक) तक 67 मामलों में फैसला सुनाया गया है। इनमें से 65 मामलों में आरोपियों को कोर्ट ने दोषी करार दिया है। 2 मामलों में आरोपी बरी हुए हैं। नित्यानंद राय ने कहा कि एनआईए को भारत की संप्रभुता, सुरक्षा और अखंडता, सुरक्षा, विदेशी राज्यों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों, अंतरराष्ट्रीय संधियों से संबंधित मामलों आदि को प्रभावित करने वाले गंभीर प्रकृति के अपराधों की जांच और मुकदमा चलाने का अधिकार है।

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मुंबई आतंकी हमलों के बाद हुई थी NIA की स्थापना
गौरतलब है कि एनआईए भारत की प्राथमिक आतंकवाद विरोधी टास्क फोर्स है। मुंबई आतंकी हमलों के बाद भारत को एक ऐसी जांच एजेंसी की जरूरत महसूस हुई जो आतंकवाद पर फोकस करे। यह एजेंसी 31 दिसंबर 2008 को संसद द्वारा राष्ट्रीय जांच एजेंसी अधिनियम 2008 पास किए जाने के साथ अस्तित्व में आई थी। 

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