सूत्रों ने कहा कि AAP नई दिल्ली के अलावा उत्तर पश्चिम, पश्चिम और दक्षिण दिल्ली सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी, जबकि कांग्रेस पूर्वी और उत्तर पूर्वी दिल्ली सीटों और चंडी चौक पर चुनाव लड़ सकती है।

लोकसभा चुनाव। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी दिल्ली की सात लोकसभा सीटों को बांटने के लिए समझौते के कगार पर आ गई हैं। NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक ये खबर UP में 80 सीटों के लिए समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के समझौते पर सहमति के एक दिन बाद आया है। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस का विपक्षी गुट में पहला बड़ा समझौता है। हालांकि, इसी बीच चंडीगढ़ मेयर चुनाव में ब्लॉक को पहली जीत के बाद AAP ने कांग्रेस के साथ कथित तौर पर चार-तीन के बंटवारे पर सहमत हुए हैं।

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सूत्रों ने कहा कि AAP नई दिल्ली के अलावा उत्तर पश्चिम, पश्चिम और दक्षिण दिल्ली सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी, जबकि कांग्रेस पूर्वी और उत्तर पूर्वी दिल्ली सीटों और चंडी चौक पर चुनाव लड़ सकती है।2019 के चुनाव में बीजेपी ने दिल्ली की सभी सात सीटों पर जीत हासिल की। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल के घर पर दोनों दलों की बैठक के बाद जल्द ही, संभवत: शाम 5 बजे तक सीट बंटवारों से जुड़ी खबर आ सकती है। इससे पहले बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए AAP नेता आतिशी ने कहा, ''दिल्ली में सीट बंटवारे को लेकर बातचीत चल रही है, हमें उम्मीद है कि यह जल्द ही होगा.''

क्या दिल्ली डील पंजाब के लिए बना सकती है रास्ता ?

कांग्रेस-AAP का दिल्ली गठबंधन पंजाब में गतिरोध तोड़ने में मदद करेगा या नहीं, ये अभी तक स्पष्ट नहीं है। पंजाब वो राज्य है, जहां साल 2022 में फरवरी में AAP कांग्रेस को धूल चटा दी थी। वहीं AAP के संयोजन अरविंद केजरीवाल ने घोषणा कर दी थी कि उनकी पार्टी सीमावर्ती राज्य की सभी 13 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।ऐसा करते समय AAP प्रमुख ने कटाक्ष किया और घोषणा की कि पंजाब के लोगों के लिए पिछले प्रशासन के किसी भी अच्छे काम को याद रखना मुश्किल होगा। 

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी चंडीगढ़ में एकमात्र लोकसभा सीट के लिए उम्मीदवार खड़ा करने का इरादा रखती है, जो 2014 से भाजपा की किरण खेर के पास है।

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