इस संपत्ति को खरीदने में इंफोसिस के सह-संस्थापक नारायण मूर्ति, फोर्टिस समूह के सह-संस्थापक मलविंदर सिंह, अनिल राय गुप्ता और पारस प्रमोद अग्रवाल इत्यादि की भी रुचि थी। इसके अलावा डालमिया सीमेंट (भारत), वीणा इंवेस्टमेंट, वेलस्पन लॉजिस्टिक, अडाणी प्रॉपर्टीज और पांच तत्वा प्रमोटर्स भी इस संपत्ति को खरीदना चाहते थे।

नई दिल्ली. आदित्य एस्टेट प्रा.लि. के लिए अडाणी समूह की बोली को राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण (एनसीएलटी) की अनुमति मिल गयी है। दिवाला प्रक्रिया के तहत नीलाम की गयी आदित्य एस्टेट की दिल्ली के संभ्रांत मंडीहाउस इलाके में 3.4 एकड़ की आवासीय संपत्ति है। अडाणी समूह को यह सौदा कुल 400 करोड़ रुपये का पड़ रहा है।

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आदित्य एस्टेट को 265 करोड़ देगी अडाणी प्रॉपर्टी

एनसीएलटी की दिल्ली स्थित प्रधान पीठ ने अडाणी प्रॉपर्टी की ऋण समाधान योजना को मंजूर किया। अडाणी प्रॉपर्टी इसमें 265 करोड़ रुपये आदित्य एस्टेट को देगी और 135 करोड़ रुपये सरकारी शुल्कों आदि पर खर्च होंगे। आईसीआईसीआई बैंक के नेतृत्व वाली आदित्य एस्टेट के ऋणदाताओं की समिति ने 93.01 प्रतिशत मतों के साथ अडाणी की 400 करोड़ रुपये की समाधान योजना को मंजूरी दे दी। इसमें अडाणी प्रॉपर्टी 265 करोड़ रुपये का अग्रिम भुगतान करेगी।

इस प्रॉपर्टी को खरीदने के लिए कई लोगों ने दिखाई थी रुचि 

इस संपत्ति को खरीदने में इंफोसिस के सह-संस्थापक नारायण मूर्ति, फोर्टिस समूह के सह-संस्थापक मलविंदर सिंह, अनिल राय गुप्ता और पारस प्रमोद अग्रवाल इत्यादि की भी रुचि थी। इसके अलावा डालमिया सीमेंट (भारत), वीणा इंवेस्टमेंट, वेलस्पन लॉजिस्टिक, अडाणी प्रॉपर्टीज और पांच तत्वा प्रमोटर्स भी इस संपत्ति को खरीदना चाहते थे।

हालांकि इनमें से केवल दो अडाणी प्रॉपर्टीज और वीणा इंवेस्टमेंट ने ही अपनी समाधान योजना जमा करायी थी।

(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)

(फाइल फोटो)