Bank of Baroda Data Leak: बैंक ऑफ बड़ौदा के ग्राहक डेटा के डार्क वेब पर लीक होने का दावा सामने आया है। बैंक ने फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी है और कहा है कि कोर बैंकिंग सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित है।

Bank of Baroda: देश में लगातार बढ़ते साइबर खतरों के बीच अब सार्वजनिक क्षेत्र के बड़े बैंक बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) का नाम भी डेटा सुरक्षा को लेकर चर्चा में है। रिपोर्ट्स के अनुसार, बैंक के कुछ ग्राहक डेटा और आंतरिक दस्तावेज डार्क वेब पर लीक होने का दावा किया गया है। हालांकि बैंक ने स्पष्ट किया है कि उसकी कोर बैंकिंग सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित है और उस तक किसी भी तरह की अनधिकृत पहुंच नहीं हुई। फिलहाल मामले की फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी गई है और संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर जांच जारी है।

कर्मचारी के ईमेल अकाउंट से हुई सेंध

बैंक के मुताबिक, एक कर्मचारी का ईमेल अकाउंट समझौता (Compromise) होने के कारण कुछ डेटा तक अनधिकृत पहुंच बनाई गई। शुरुआती सुरक्षा उपाय लागू करने के बाद अब पूरे मामले की फॉरेंसिक जांच की जा रही है। बैंक का कहना है कि ग्राहकों के लेनदेन और मुख्य बैंकिंग सिस्टम पर इसका कोई असर नहीं पड़ा है।

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किन जानकारियों के लीक होने का दावा?

साइबर सुरक्षा शोधकर्ताओं के अनुसार, डार्क वेब पर उपलब्ध डेटा में ग्राहकों की व्यक्तिगत जानकारी, पहचान संबंधी दस्तावेज, लोन से जुड़े कागजात और कुछ आंतरिक ऑडिट रिकॉर्ड शामिल होने का दावा किया गया है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि कितने ग्राहकों का डेटा प्रभावित हुआ है।

साइबर सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

हाल के महीनों में भारत की बड़ी कंपनियों और वित्तीय संस्थानों पर साइबर हमलों की घटनाएं बढ़ी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में मजबूत साइबर सुरक्षा, नियमित ऑडिट और कर्मचारियों के ईमेल सुरक्षा प्रोटोकॉल बेहद महत्वपूर्ण हो जाते हैं। बैंक ऑफ बड़ौदा का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

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