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तहलका मैगजीन के एडिटर इन चीफ तरुण तेजपाल 8 साल बाद रेप के आरोप से बरी, फैसले के खिलाफ प्रदेश सरकार HC जाएगी

तहलका मैगजीन के एडिटर इन चीफ तरुण तेजपाल 8 साल बाद रेप के केस से बरी हो गए हैं। गोवा की सेशन कोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया। तेजपाल पर अपनी सहकर्मी के साथ गोवा के एक होटल में रेप करने का आरोप लगा था। तेजपाल के बरी होने से राज्य सरकार को झटका लगा है। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा है कि राज्य सरकार इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेगी।

After 8 years, journalist Tarun Tejpal acquitted of rape case kpa
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New Delhi, First Published May 21, 2021, 11:58 AM IST
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गोवा. करीब 8 साल बाद तहलका मैगजीन के एडिटर इन चीफ तरुण तेजपाल रेप के केस से बरी हो गए हैं। नॉर्थ गोवा के मापुसा डिस्ट्रिक एंड सेशंस कोर्ट ने यह फैसला सुनाया है। तेजपाल पर अपनी सहकर्मी के साथ गोवा के एक होटल में रेप करने का आरोप लगा था। तेजपाल पर नवंबर, 2013 में रेप का आरोप लगा था। उन्हें 30 नवंबर, 2013 को गिरफ्तार किया गया था। तेजपाल के बरी होने से राज्य सरकार को झटका लगा है। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा है कि राज्य सरकार इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्याप्त सबूत होने के बाद भी वो छूट गया, राज्य सरकार इस मामले में काफी गंभीर है। ये उस ​महिला के खिलाफ अन्याय है, जब तक उस महिला को न्याय नहीं मिलेगा हम लड़ते रहेंगे।

जानें पूरा मामला...
तेजपाल पर आरोप है कि उसने गोवा के एक फाइव स्टार होटल की लिफ्ट में पीड़िता से रेप किया था। हालांकि 30 नवंबर, 2013 को गिरफ्तार करके बाद में उसे जमानत पर छोड़ दिया गया था। इस मामले में गोवा पुलिस ने फरवरी, 2014 में 2846 पन्नों की चार्ज शीट दाखिल की थी। इस मामले में पहले 27 अप्रैल को फैसला आना था। तरुण पर IPC  की धारा 341 यानी गलत संयम, 342  यानी गलत कारावास, 354A यानी यौन उत्पीड़न की नीयत से हमला या आपराधिक बल, 354A यानी यौन उत्पीड़न, 354B यानी हमला या महिला पर आपराधिक बल का प्रयोग, 376 (2) (एफ) यानी महिलाओं पर जबर्दस्ती अधिकार करके बलात्कार और 376 (2) (के) यानी जबर्दस्ती बलात्कार जैसी कई धाराएं लगाई गई हैं।


 

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