नई दिल्ली. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी की सुरक्षा में पिछले सप्ताह उस वक्त सेंध लगी जब कुछ अज्ञात लोग कथित रूप से सेल्फी लेने के लिए उनके आवास में दाखिल हो गए। प्रियंका गांधी उस समय एक अहम बैठक में व्यस्त थी, जब एक गाड़ी उनके घर में घुस आई। इस गाड़ी में 3 महिलाएं, 3 पुरुष और एक बच्चा सवार था। ये सभी लोग खुद को प्रियंका गांधी का फैन बता रहे थे। कांग्रेस नेता ने सभी लोगों को चाय नाश्ता कराकर वापस भेज दिया। सूत्रों ने सोमवार को बताया कि यह मामला सीआरपीएफ के समक्ष उठाया गया है।

गौरतलब है कि हाल ही में सरकार ने गांधी परिवार से एसपीजी हटा ली। अब उन्हें जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है जिसमें सीआरपीएफ के जवान सुरक्षा संभालते हैं।

इस बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस नेता अमी याग्निक ने कहा कि अगर यह सत्य है तो सरकार को बताना चाहिए कि एसपीजी हटाए जाने के बाद क्या हो रहा है।

गृह राज्यमंत्री को नहीं है मामले की जानकारी 
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री जी किशन रेड्डी ने सोमवार को कहा कि उन्हें कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा के लोधी इस्टेट स्थित घर पर सुरक्षा में कथित सेंध के बारे में जानकारी नहीं है और वह इस पर जानकारी लेंगे। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के कार्यालय ने सीआरपीएफ के साथ 26 नवंबर की कथित घटना को उठाया है। गांधी परिवार की एसपीजी सुरक्षा हटाये जाने के बाद जेड प्लस श्रेणी के तहत सीआरपीएफ उन्हें सुरक्षा प्रदान कर रही है।

इस बारे में पूछे जाने पर रेड्डी ने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘मुझे जानकारी नहीं है। मैं अभी-अभी लोकसभा से आ रहा हूं। मैं पुलिस से जानकारी लूंगा। मैं अधिकारियों से बात करुंगा।’’ सूत्रों ने सोमवार को कहा कि एक कार में सात अज्ञात लोग कथित तौर पर प्रियंका के घर के पोर्च में घुस आये, बाहर निकले और उनके पास आकर तस्वीर खिंचाने के लिए कहने लगे।