समिति के अध्यक्ष जुआल ओराम ने कहा है कि संसदीय स्थायी समिति की बैठकों में जिन मुद्दों पर चर्चा की जानी है, उस पर साल की शुरुआत में पहले ही फैसला कर लिया जाता है और इसलिए इस अनुरोध पर अभी विचार नहीं किया जा सकता है।

नई दिल्ली। रक्षा संबंधी संसदीय समिति (Parliamentary committee on Defence) की मीटिंग से विपक्षी सदस्यों ने शुक्रवार को वॉक आउट कर दिया। वॉक आउट करने वाले संसदीय समिति के सदस्यों का आरोप है कि अग्निपथ योजना (Agnipath Scheme) पर डिस्कशन के लिए अनुमति नहीं मिलने पर उन लोगों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया। उन्हें अग्निपथ योजना पर चर्चा करने की अनुमति नहीं है।

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बहिष्कार करने वाले सदस्यों ने कहा कि कांग्रेस और बसपा के सदस्यों ने समिति के अध्यक्ष जुआल ओराम से अग्निपथ योजना पर चर्चा की अनुमति देने का आग्रह किया, यह तर्क देते हुए कि इसके बहुत बड़े निहितार्थ हैं और संसदीय जांच की आवश्यकता है, लेकिन ऐसा करने से इनकार कर दिया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सांसद के सी वेणुगोपाल और उत्तम कुमार रेड्डी, बसपा के दानिश अली के अलावा, जो पैनल के सदस्य हैं, ने अध्यक्ष के साथ तर्क दिया कि अग्निपथ योजना पर पहले ही रक्षा और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और तीनों की सलाहकार समिति में चर्चा की जा चुकी है। सेवा प्रमुखों ने इसके सामने एक प्रेजेंटेशन दिया है।

सदस्यों ने अध्यक्ष के साथ तर्क दिया है कि अग्निपथ पर चर्चा की अनुमति नहीं देना संसद का अपमान है और समिति को योजना के बारे में सूचित नहीं करना विशेषाधिकार का उल्लंघन है। सूत्रों ने कहा कि उन्होंने उनसे अगली बैठक में चर्चा के लिए इस मुद्दे को सूचीबद्ध करने का आग्रह किया, लेकिन अध्यक्ष ने अनुमति देने से इनकार कर दिया।

अध्यक्ष ने कहा कि पहले ही हुआ फैसला, चर्चा नहीं

ओराम ने कहा है कि संसदीय स्थायी समिति की बैठकों में जिन मुद्दों पर चर्चा की जानी है, उस पर साल की शुरुआत में पहले ही फैसला कर लिया जाता है और इसलिए इस अनुरोध पर अभी विचार नहीं किया जा सकता है।

पैनल की बैठक में करीब आधे घंटे तक चली चर्चा के बाद विपक्ष के तीनों सदस्यों ने विरोध में वाकआउट कर दिया। बैठक में आयुध निर्माणी बोर्डों और डीआरडीओ से संबंधित मुद्दों को चर्चा के लिए सूचीबद्ध किया गया था।

मोदी सरकार लाई है योजना

मोदी सरकार ने अग्निपथ योजना को लांच किया है। सरकार द्वारा सैन्य भर्ती के लिए इस योजना को परिवर्तनकारी बताया जा रहा है। योजना के अनुसार थल सेना, नौसेना और वायु सेना में सैनिकों की भर्ती अब चार साल के अल्पकालिक अनुबंध पर होगी। बिना रैंक वाली इस भर्ती में युवकों को 21 हजार रुपये से लेकर 24 हजार रुपये तक मासिक मिलेगा। चार साल के बाद एकमुश्त करीब 11 लाख रुपये की धनराशि मिलेगी। इस सेवा में किसी पेंशन का प्राविधान नहीं होगा। इस भर्ती के लिए 17.5 साल से 21 साल की उम्र वाले युवा एलिजिबल होंगे। 

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