नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश में लव जिहाद के खिलाफ राज्य सरकार द्वारा पारित अध्यादेश को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मंजूरी दे दी है। इसी के साथ ये अध्यादेश आज से लागू हो गया है। यह नया कानून आज से यूपी में लागू हो गया है। इस अध्यादेश के तहत नाम छिपाकर शादी करने पर 10 साल की सजा होगी। उत्तर प्रदेश सरकार ने पहले ही ऐलान कर दिया था कि लव जिहाद पर कानून बनाया जाएगा।

 

अध्यादेश में ये हैं प्रावधान
- शादी से पहले 2 माह का नोटिस देना होगा।
- शादी के लिए डीएम की अनुमति जरूरी।
- नाम छिपाकर शादी करने पर 10 साल की सजा का प्रावधान।

'धर्म परिवर्तन की 100 से ज्यादा घटनाएं सामने आईं'
उत्तर प्रदेश में मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा, 100 से ज्यादा घटनाएं सामने आई थी, जिनमें जबरदस्ती धर्म परिवर्तित किया जा रहा है। इसके अंदर छल-कपट, बल से धर्म परिवर्तित किया जा रहा है। इसपर कानून बनाना एक आवश्यक नीति बनी, जिसपर कोर्ट के आदेश आए हैं। 

25 हजार रुपए तक जुर्माना
सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा, इस अध्यादेश के अंदर 1-5 वर्ष की सजा के साथ 15 हजार के जुर्माने का प्रावधान है। अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति की महिला के साथ छल, कपट या बल से धर्म परिवर्तित के मामलों में दंड़ 3 वर्ष से 10 वर्ष तक है। जुर्माना 25 हजार है।

मध्य प्रदेश सरकार भी ला रही कानून
मध्य प्रदेश सरकार एक नया एक्ट, 'मध्यप्रदेश फ्रीडम ऑफ रिलीजन एक्ट-2020' ला रही है। इसका ड्राफ्ट तैयार हो चुका है। इस कानून के तहत लव जिहाद का ताजा मामला पकड़े जाने पर पांच साल की सजा का प्रावधान है। इसके अलावा ऐसे विवाह जो पहले हो चुके हैं, उन्हें रद्द करने का अधिकार फैमिली कोर्ट को दिया जाएगा। फैमिली कोर्ट के फैसले को उच्च अदालत में चुनौती दी जा सकेगी। मध्यप्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र में संबंधित विधेयक पेश किया जाएगा। एक्ट में प्रलोभन, बलपूर्वक, धोखाधड़ी, बहकावे के जरिए शादी करने का भी उल्लेख होगा। यदि लव जिहाद का मामला सामने आता है और यह साबित हो जाता है कि कोई मददगार या किसी ने उकसाया है तो वह भी उतना ही दोषी माना जाएगा, जितना मुख्य आरोपी। इसकी सजा भी पांच साल तक है।

हरियाणा में भी बनेगा लव जिहाद पर कानून
हरियाणा में भी लव जिहाद कानून लागू करने की योजना है। हरियाणा सरकार के गृह राज्य मंत्री अनिल विज ने मंगलवार को कहा था कि ‘लव-जिहाद’ के मामलों को नियंत्रित करने के लिए एक सख्त कानून बनाया जाएगा। इस कानून का मसौदा तैयार करने के लिए एक समिति का गठन किया जाएगा। गृहमंत्री ने उच्च अधिकारियों के साथ यहां पहली बैठक की और निर्णय लिया कि इस मुद्दे पर एक चर्चा मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ भी होगी।