राहुल गांधी द्वारा संविधान की कॉपी लेकर साथ चलने और संसद में लहराए जाने के बाद बीजेपी लगातार हमलावर है। बजट सत्र के एक दिन पहले पूर्व मंत्री अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस नेता पर झूठा संविधान प्रेम का दावा करते हुए माफी की मांग की।

Anurag Thakur slams Congress: मोदी सरकार पर संविधान बदलने की साजिश का आरोप लगाने वाली कांग्रेस पर बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने हमला बोला है। BJP नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि संविधान के प्रति राहुल गांधी और उनकी कांग्रस का कुछ ज्यादा ही प्रेम दिख रहा है। संविधान की कॉपी दिखाने या उस पर झूठी कसम खाने से सच्चाई नहीं बदल जाएगी कि कांग्रेस ने सबसे अधिक संविधान का अपमान किया। अनुराग ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस ने सबसे अधिक 80 से अधिक बार संविधान में संशोधन किया है। संविधान का अपमान करने के लिए राहुल गांधी को देश से माफी मांगनी चाहिए।

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बजट सत्र शुरू होने के पहले संविधान का मुद्दा गरमाया

सोमवार 22 जुलाई से बजट सत्र शुरू होने वाला है। 18वीं लोकसभा का यह दूसरा सत्र है। पहला सत्र शपथ ग्रहण और लोकसभा स्पीकर के चुनाव के लिए बुलाया गया था। सत्र 12 अगस्त तक चलेगा। बजट सत्र के पहले एक बार फिर संविधान को लेकर कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने है। बीजेपी नेता अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस पर संविधान के अपमान का आरोप लगाते हुए राहुल गांधी से माफी की मांग की है।

क्या कहा है सांसद अनुराग ठाकुर ने?

पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि राहुल गांधी और उनकी कांग्रेस पार्टी संविधान के प्रति ज़रूरत से ज़्यादा प्रेम दिखा रही है। संविधान की प्रति दिखाने और उस पर झूठी कसम खाने से सच्चाई नहीं बदलेगी। अगर किसी ने संविधान का अपमान किया है तो वो कांग्रेस और गांधी परिवार है। क्या राहुल गांधी ने संविधान की प्रस्तावना भी पढ़ी है? इसमें कांग्रेस सरकार के काले कारनामों और संविधान विरोधी कृत्यों का वर्णन है। सिर्फ संविधान की प्रति लहराने से काम नहीं चलेगा, उसे पढ़ना भी पड़ेगा। देश पर आपातकाल का काला अध्याय कांग्रेस ने थोपा था। आपको पाखंड छोड़कर देश से माफ़ी मांगनी चाहिए।

आम आदमी का अधिकार छीन लिया था कांग्रेस सरकार ने

अनुराग ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस ने समय-समय पर संविधान में संशोधन किया है। साथ ही, भारत में आपातकाल लगाया, जहां विपक्षी नेताओं को जेल में डाल दिया गया, मीडियाकर्मियों को सलाखों के पीछे डाल दिया गया और आम आदमी के अधिकार छीन लिए गए। यह स्वतंत्र भारत का सबसे काला दौर था। आपातकाल इंदिरा गांधी ने लगाया था। नेहरू जी से लेकर इंदिरा गांधी जी और फिर मनमोहन जी के शासन तक, 80 से अधिक बार (संविधान में) संशोधन किए गए।

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