घर घर राशन व्यवस्था को लेकर केंद्र और दिल्ली की केजरीवाल सरकार आमने सामने है। इसी बीच केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने वन नेशन वन राशन कार्ड को लेकर केजरीवाल सरकार पर निशाना साधा है। ठाकुर ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से पूछा कि वन नेशन वन राशन कार्ड लागू ना करके दिल्ली सरकार प्रवासी मजदूरों का हक क्यों छीन रही है।

नई दिल्ली. घर घर राशन व्यवस्था को लेकर केंद्र और दिल्ली की केजरीवाल सरकार आमने सामने है। इसी बीच केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने वन नेशन वन राशन कार्ड को लेकर केजरीवाल सरकार पर निशाना साधा है। ठाकुर ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से पूछा कि वन नेशन वन राशन कार्ड लागू ना करके दिल्ली सरकार प्रवासी मजदूरों का हक क्यों छीन रही है।

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अनुराग ठाकुर ने द हिंदू की एक रिपोर्ट भी शेयर की है। इसमें खाद्य सचिव ने केजरीवाल सरकार को पत्र लिखकर वन नेशन वन राशन कार्ड स्कीम लागू करने की मांग की है, ताकि राजधानी में करीब 10 लाख प्रवासी मजदूरों को इसका लाभ मिल सके। वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने लिखा, अभी तक इस योजना के तहत राज्यों में 27.8 पोर्टेबिलिटी ट्रांजेक्शन हुए हैं। अकेले कोरोना काल में 19.8 करोड़ हुए हैं।

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क्या है वन नेशन वन राशन कार्ड स्कीम
वन नेशन वन राशन कार्ड स्कीम के जरिए राशन कार्ड धारक किसी भी राज्य के किसी भी शहर में अपना राशन ले सकता है। दिल्ली में बड़ी संख्या में अन्य राज्यों के प्रवासी मजदूर हैं। ऐसे में यह स्कीम लागू ना होने के चलते उन्हें लाभ नहीं मिल पा रहा है। 

खाद्य सचिव ने लिखा केजरीवाल सरकार को पत्र
खाद्य सचिव सुधांशु पांडे ने दिल्ली सरकार को पत्र लिखकर राशन की दुकानों पर इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट ऑफ सेल (ePoS) मशीनों का इस्तेमाल फिर से शुरू करने की अपील की है, ताकि राज्य में वन नेशन वन राशन कार्ड योजना को लागू किया जा सके।

पांडेय ने अपने पत्र में लिखा है कि कोरोना काल में इस योजना से दिल्ली में करीब 10 लाख ऐसे प्रवासी मजदूरों को लाभ होगा, जिनके पास अपने गृह राज्यों में राशन कार्ड हैं लेकिन दिल्ली में सस्ते राशन तक उनकी पहुंच नहीं है।