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अरुण जेटली ने कांग्रेस के इस बड़े नेता की बेटी से की थी शादी, पिता की तरह बेटा-बेटी भी हैं वकील

अरुण जेटली की शादी संगीता डोगरा से साल 1982 में हुई थी। जो उस समय के कांग्रेस के बड़े नेता गिरधारी लाल डोगरा की बेटी हैं। अरुण जेटली और संगीता जेटली के दो बच्चे हैं। दोनों बच्चे वकील है। बेटे का नाम रोहन और बेटी का नाम सोनाली है।

arun jaitley family he  passes away on 24 august
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Delhi, First Published Aug 24, 2019, 2:05 PM IST
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नई दिल्ली. पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता अरुण जेटली का शनिवार दोपहर निधन हो गया। वे 66 साल के थे। 9 अगस्त को एम्स में चेकअप कराने पहुंचे थे, जिसके बाद उन्हें भर्ती कर लिया गया। उन्हें कमजोरी और घबराहट की शिकायत के बाद भर्ती करवाया गया था। जेटली का सॉफ्ट टिश्यू कैंसर का इलाज चल रहा था। वे इस बीमारी के इलाज के लिए 13 जनवरी को न्यूयॉर्क चले गए थे और फरवरी में वापस लौटे थे। इसी के चलते पिछली सरकार में उन्होंने अंतरिम बजट भी पेश नहीं किया था।

कांग्रेस नेता की बेटी से की थी शादी
अरुण जेटली की शादी संगीता डोगरा से साल 1982 में हुई थी। जो उस समय के कांग्रेस के बड़े नेता गिरधारी लाल डोगरा की बेटी हैं। जेटली के ससुर दो बार जम्मू से सांसद और जम्मू कश्मीर सरकार में भी मंत्री रहे थे। इनकी शादी में अटलबिहारी वाजपेयी और इंदिरा गाँधी दोनों शामिल हुए थे। 

जेटली के बेटा-बेटी भी पिता की तरह हैं वकील
अरुण जेटली और संगीता जेटली के दो बच्चे हैं। दोनों पेशे से वकील है। जहां बेटे का नाम रोहन और बेटी का नाम सोनाली है। जेटली की यह तीसरी पीढ़ी है जिसने वकालत में अपना करियर बनाया है। अरुण जेटली की बेटी सोनाली अपनी शादी की वजह से चर्चा में आईं थी। उन्होंने 2015 में बिजनेसमैन और लॉयर जयेश बख्शी से शादी की थी। उनकी इस शादी में शाहरुख खान और फिल्म इंडस्ट्री के कई जाने माने सितारे शामिल हुए थे।

अरुण जेटली के पिता भी थे वकील
जेटली के पिता महाराजा किशन जेटली और मां रतन प्रभा थीं। जेटली के पिता भी वकील थे। जेटली ने स्कूली शिक्षा नई दिल्ली के सेंट जेवियर्स स्कूल से पूरी की। 1973 में श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से ग्रेजुएशन किया। उन्होंने 1977 में दिल्ली विश्वविद्यालय से कानून की डिग्री ली। जेटली ने 1974 में दिल्ली यूनिवर्सिटी का चुनाव जीता। इसके बाद वे 1980 में भाजपा में शामिल हुए। चार दशक लंबी राजनीतिक पारी में उन्होंने भाजपा महासचिव और राष्ट्रीय प्रवक्ता जैसे पद संभाले। 1998 की अटल सरकार और 2014 की मोदी सरकार में भी उन्हें कई अहम मंत्रालय मिले। 

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