NEET PG 2026 से पहले बड़ा बदलाव! 3 परीक्षा शहर, सिंगल शिफ्ट और हाईटेक सुरक्षा, मेडिकल छात्रों के लिए अचानक बदले नियम और सुरक्षा का ऐसा चक्रव्यूह जिसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी!…आखिर सरकार ने क्यों बदले इतने नियम? जानिए पूरी वजह।
नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी पोस्टग्रेजुएट मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक, NEET PG 2026 को लेकर केंद्र सरकार ने कई चौंकाने वाले और बड़े सुधारों का ऐलान किया है। नेशनल बोर्ड ऑफ़ एग्ज़ामिनेशन्स इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) द्वारा आयोजित होने वाली इस परीक्षा में पारदर्शिता लाने और धांधली को रोकने के लिए पूरे सिस्टम को ही बदल दिया गया है। आगामी 30 अगस्त 2026 को होने वाली इस परीक्षा में सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब यह कई शिफ्टों के बजाय सिर्फ एक ही शिफ्ट में आयोजित की जाएगी। इसके पीछे का मुख्य कारण पिछली परीक्षाओं में नॉर्मलाइज़ेशन (अंकों के समायोजन) को लेकर उठी गंभीर आलोचनाएं थीं।
सस्पेंस खत्म: परीक्षा शहरों की सूची में भारी उछाल
छात्रों को यात्रा के दौरान होने वाली असुविधाओं और आखिरी वक्त के सस्पेंस को खत्म करने के लिए सरकार ने परीक्षा केंद्रों के चयन में एक नया फॉर्मूला लागू किया है। इसके प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:
- शहरों का बड़ा नेटवर्क: NBEMS ने परीक्षा शहरों की संख्या को 233 से बढ़ाकर सीधे 312 कर दिया है, जिससे छात्रों को अपने राज्य के पास ही केंद्र मिल सके।
- तीन विकल्पों की आज़ादी: अब उम्मीदवार आवेदन भरते समय अपनी पसंद के तीन परीक्षा शहर चुन सकेंगे।
- समय से पहले खुलासा: परीक्षा से लगभग तीन सप्ताह पहले ही उम्मीदवारों को आवंटित शहर की जानकारी दे दी जाएगी, ताकि वे रहने और यात्रा का प्लान आसानी से बना सकें।
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180 सवाल, 210 मिनट और हाईटेक सुरक्षा... इस बार क्या-क्या बदला?
नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन्स इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने परीक्षा केंद्रों की संख्या 233 से बढ़ाकर 312 कर दी है। परीक्षा पैटर्न में भी बदलाव किया गया है। अब अभ्यर्थियों को 180 प्रश्न हल करने के लिए 210 मिनट मिलेंगे, यानी प्रत्येक प्रश्न के लिए पहले की तुलना में अधिक समय उपलब्ध होगा। परीक्षा की सुरक्षा के लिए आधार आधारित प्रमाणीकरण, आइरिस बायोमेट्रिक सत्यापन, CCTV निगरानी, सिग्नल जैमर और स्वतंत्र पर्यवेक्षकों की तैनाती जैसे कड़े इंतजाम किए जाएंगे।
परीक्षा पैटर्न में ट्विस्ट: समय वही, पर सवाल कम
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने X (ट्विटर) पर एक पोस्ट के जरिए परीक्षा के पैटर्न में किए गए बड़े बदलाव से पर्दा उठाया है। इस बार कुल समय तो पहले जितना ही रहेगा, लेकिन उम्मीदवारों को हर सवाल को हल करने के लिए अधिक समय मिलेगा।
हाई-टेक सुरक्षा का चक्रव्यूह: परिंदा भी नहीं मार पाएगा पर
परीक्षा की विश्वसनीयता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सरकार ने अभूतपूर्व सुरक्षा उपायों की घोषणा की है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने उम्मीदवारों से अफवाहों से बचने की अपील करते हुए साफ किया है कि इस बार सुरक्षा में कोई ढील नहीं दी जाएगी। सरकार ने केंद्रों पर सख्त जांच के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन, सीसीटीवी निगरानी, सिग्नल जैमर और स्वतंत्र पर्यवेक्षकों की तैनाती के आदेश दिए हैं, ताकि किसी भी तरह की डिजिटल या शारीरिक गड़बड़ी को पूरी तरह रोका जा सके।
30 अगस्त को होगी परीक्षा
गौरतलब है कि ये सभी बदलाव पिछली प्रवेश परीक्षाओं को लेकर उठे सवालों के बाद गठित उच्चस्तरीय समिति की सिफारिशों पर आधारित हैं। 30 अगस्त 2026 को होने वाली NEET PG परीक्षा में लागू होने वाले ये नए नियम लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकते हैं।
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