क्या आखिरी वक्त पर टल गई ईरान पर जंग? ट्रंप ने हमले रोकने का दावा किया, लेकिन शर्तों में छिपा है विनाशकारी पेंच! अगर डील टूटी तो क्या खाक हो जाएगा मिडिल ईस्ट का पूरा तेल और गैस क्षेत्र?

US Iran Conflict: मिडिल ईस्ट में पांच महीने से जारी भीषण जंग के बीच एक ऐसा मोड़ आया है जिसने पूरी दुनिया को हैरत में डाल दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार (IST) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर घोषणा की कि उन्होंने ईरान पर होने वाले बड़े सैन्य हमलों को फिलहाल रद्द कर दिया है। ट्रंप का दावा है कि ईरान और मध्य पूर्व के अन्य देशों ने उनसे हमले रोकने की गुज़ारिश की है क्योंकि वे अमेरिका के साथ एक बड़ी डील की शर्तों पर सहमत हो गए हैं। लेकिन इस शांति के पीछे एक ऐसा पेंच है जो किसी भी वक्त इस इलाके को बारूद के ढेर में बदल सकता है।

ट्रंप की सख्त शर्तें: डील में छिपा है असली सस्पेंस

डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि अमेरिकी मिसाइलों का रुख तभी तक मुड़ा रहेगा जब तक तेहरान उनकी शर्तों को "तेज़ी से" फाइनल नहीं कर लेता। इस प्रस्तावित डील की दो सबसे बड़ी और कड़क शर्तें यह हैं:

  • परमाणु खतरे का खात्मा: ईरान को अपने परमाणु कार्यक्रम और उससे जुड़े खतरों को पूरी तरह खत्म करना होगा।
  • होरमुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz): वैश्विक तेल सप्लाई के लिए सबसे महत्वपूर्ण माने जाने वाले इस समुद्री रास्ते को ईरान को तुरंत और पूरी तरह से खोलना होगा।
  • दूसरे विश्व युद्ध के बाद की सबसे बड़ी ताकत: ट्रंप ने अपनी आदत के मुताबिक शेखी बघारते हुए चेतावनी दी कि अगर डील फेल हुई, तो अमेरिका ऐसी सैन्य ताकत से हमला करेगा जो दूसरे विश्व युद्ध के बाद दुनिया ने नहीं देखी।

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बैकस्टेज डिप्लोमेसी और 'नूरन्यूज़' की खौफनाक धमकी

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इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के पीछे परदे के पीछे की कूटनीति भी तेज़ी से बदली है। अमेरिकी समाचार आउटलेट 'एक्सियोस' के मुताबिक, सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने ट्रंप से फोन पर बात कर अमेरिकी योजनाओं पर चिंता जताई थी। इसके तुरंत बाद ईरान के तेवर और उसकी धमकियों ने सस्पेंस को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया।

  • इज़राइल का रुख: ट्रंप के अनुसार, इज़राइल इस जंग को खत्म करने के लिए अमेरिका का साथ देने को राजी हो गया है, हालांकि इज़राइल ने इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
  • "सब कुछ जलकर राख हो जाएगा": ईरान की सुरक्षा संस्था से जुड़े मीडिया आउटलेट 'नूरन्यूज़' ने खुलेआम धमकी दी है कि अगर अमेरिका ने उनके ऊर्जा बुनियादी ढांचे को छुआ, तो वे सऊदी अरब, UAE के तेल क्षेत्रों और कतर-इज़राइल के गैस क्षेत्रों को तबाह कर देंगे।
  • अराकची का चक्रव्यूह: ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने तुर्की, पाकिस्तान और सऊदी अरब के नेताओं से बात कर किसी भी अमेरिकी "साहसिक कार्रवाई" के खिलाफ एकजुट होकर कड़े जवाब की कसम खाई है।

यह डील मिडिल ईस्ट में स्थायी शांति लाएगी या यह केवल एक बड़े तूफान से पहले की खामोशी है, इस पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं।

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