Thrissur Gang Rape Case में महिला को लॉज से कथित तौर पर अगवा कर गैंगरेप किया गया। आरोपी पुलिस बनकर पहुंचे थे। पुरुष दोस्त से मारपीट हुई। पुलिस को फोन लोकेशन ट्रैक कर साजिश रचने का शक है। पढ़ें पूरी खबर..।

Thrissur Lodge Gang Rape: केरल के त्रिशूर से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसे सुनकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे। एक विवाहित महिला अपने पुरुष दोस्त के साथ त्रिशूर के एक लॉज में रुकी हुई थी। तभी कुछ ऐसा हुआ जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। पुलिस बनकर आए बदमाशों के एक गिरोह ने कमरे में धावा बोल दिया और दोनों का अपहरण कर लिया। जांच में जो खुलासा हुआ है, उसने सभी को हैरान कर दिया है। पुलिस का पुख्ता शक है कि इस खौफनाक वारदात के पीछे उस शख्स की अपनी पत्नी का हाथ है, जिसने फोन ट्रैक करके सुपारी दी थी।

नकली पुलिस बनकर लॉज में घुसे बदमाश और किया किडनैप

घटना 22 सितंबर की है, जब तमिलनाडु के तिरुपुर के रहने वाले एक महिला और पुरुष त्रिशूर में केएसआरटीसी बस स्टैंड के पास बने एक लॉज में ठहरे हुए थे। अचानक छह लोगों का एक गिरोह पुलिस की वर्दी या भेष बदलकर उनके कमरे में घुस आया। बदमाशों ने दोनों को बेरहमी से बांध दिया और उनके मुंह में कपड़ा ठूंसकर जबरन कार में डाल लिया। रास्ते में उस पुरुष के साथ जमकर मारपीट की गई, जिससे उसके हाथ-पैरों में कई गंभीर फ्रैक्चर हो गए। बाद में बदमाश उसे तमिलनाडु के तिरुपुर के पास एक अस्पताल के बाहर फेंककर फरार हो गए।

महिला को दूसरी कार में ले जाकर किया गया यौन उत्पीड़न

पुरुष को रास्ते में छोड़ने के बाद, उस गिरोह के दो सदस्य महिला को दूसरी कार में बिठाकर किसी अनजान जगह पर ले गए। पीड़िता का आरोप है कि इस दौरान उसके साथ गैंगरेप जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया गया। इस खौफनाक घटना के सामने आने के बाद पुलिस हरकत में आई। महिला के बयानों के आधार पर पहले तमिलनाडु पुलिस ने मामला दर्ज किया और बाद में केस को त्रिशूर सिटी पुलिस को ट्रांसफर कर दिया गया। त्रिशूर के एसीपी की अगुवाई में पुलिस टीम ने ताबड़तोड़ छापेमारी करते हुए अब तक इस मामले में पांच आरोपियों को दबोच लिया है।

Wife Tracking: पुलिस को क्यों पत्नी पर शक?

पुलिस की शुरुआती जांच में जो बात सामने आई है, वह बेहद चौंकाने वाली है। अधिकारियों का मानना है कि यह सब उस शख्स की पत्नी की सोची-समझी साजिश थी। शक है कि पत्नी ने अपने पति के मोबाइल फोन की लाइव लोकेशन ट्रैक की और उसी के आधार पर कुख्यात अपराधियों को 'कॉन्ट्रैक्ट' या सुपारी दी थी। पुलिस ने एयरपोर्ट और पलानी समेत कई जगहों से आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक अन्य नाबालिग संदिग्थ की तलाश अभी भी तेजी से जारी है। इस सनसनीखेज कांड ने इलाके में कानून व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।