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न तो कांग्रेस और न ही भाजपा चाहती है चुनाव...गहलोत ने विधायकों से कहा, चट्टान की तरह खड़े रहें

राजस्थान में सियासी संकट के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने साफ कर दिया कि न तो कांग्रेस और न ही भाजपा विधानसभा भंग कर चुनाव चाहते हैं। उन्होंने कहा, न तो कांग्रेस और न ही भाजपा चाहती है कि विधानसभा भंग की जाए और चुनाव हो जाए। पूरे देश की लड़ाई आप देख रहे हैं। आपका सम्मान कई गुना बढ़ गया है। यह कुछ सामान्य नहीं है। आप में से सभी के पास फोन है, किसी पर कोई दबाव नहीं है।

Ashok Gehlot holds meeting with MLAs in Rajasthan kpn
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New Delhi, First Published Jul 21, 2020, 3:25 PM IST
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नई दिल्ली. राजस्थान में सियासी संकट के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने साफ कर दिया कि न तो कांग्रेस और न ही भाजपा विधानसभा भंग कर चुनाव चाहते हैं। उन्होंने कहा, न तो कांग्रेस और न ही भाजपा चाहती है कि विधानसभा भंग की जाए और चुनाव हो जाए। पूरे देश की लड़ाई आप देख रहे हैं। आपका सम्मान कई गुना बढ़ गया है। यह कुछ सामान्य नहीं है। आप में से सभी के पास फोन है, किसी पर कोई दबाव नहीं है। 

10 दिन में तीसरी बैठक

सीएम गहलोत ने विधायकों से 10 दिन में यह तीसरी बैठक की। उन्होंने कहा, देश में क्या हो  रहा है यह सब देख रहे हैं। चट्टान की तरह खड़े रहें। विजय आपकी होगी। 

जल्द बुलाया जा सकता है विधानसभा सत्र

अशोक गहलोत कैबिनेट की बैठक करेंगे। इसके बाद जल्द ही अगले कुछ दिनों में विधानसभा सत्र बुलाया जा सकता है। 

राजस्थान ऑडियो केस क्या है?

अशोक गहलोत के ओएसडी ने मीडिया में 3 ऑडियो जारी किए। दावा किया है कि इसमें केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, कांग्रेस विधायक भंवरलाल शर्मा, विश्वेन्द्र और संजय सौदेबाजी कर रहे हैं। हालांकि, शेखावत और भंवरलाल ने इसे फर्जी करार देते हुए कांग्रेस पर ओछी राजनीति करने का आरोप लगाया। इससे पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी सचिन पायलट और भाजपा पर सरकार गिराने की कोशिश करने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि उनके पास इसके सबूत भी हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि गहलोत इन्हीं ऑडियो का जिक्र कर रहे हों। 

क्यों जारी हुआ नोटिस?

अशोक गहलोत सरकार ने दो दिन लगातार विधायक दल की बैठक बुलाई। इस बैठक के लिए बकायदा व्हिप जारी किया गया था। लेकिन सचिन पायलट सतिन उनका समर्थन करने वाले विधायक बैठक में शामिल नहीं हुए। इसके बाद कांग्रेस के महेश जोशी ने स्पीकर सीपी जोशी से शिकायत की। इसके बाद बागी विधायकों को नोटिस जारी किया गया और 17 जुलाई की दोपहर 1 बजे तक जवाब मांगा है।

किन-किन विधायकों को जारी हुआ नोटिस?

विधायकों से जवाब मिलने के बाद स्पीकर आगे की कार्रवाई कर सकते हैं। हालांकि सचिन पायलट के गुट का कहना है कि हमने व्हिप का उल्लंघन नहीं किया है। जिन विधायकों को नोटिस जारी किया उसमें सचिन पायलट, रमेश मीणा, इंद्राज गुर्जर, गजराज खटाना, राकेश पारीक, मुरारी मीणा, पी आर मीणा, सुरेश मोदी, भंवर लाल शर्मा, वेदप्रकाश सोलंकी, मुकेश भाकर, रामनिवास गावड़िया, हरीश मीणा, बृजेन्द्र ओला, हेमाराम चौधरी, विश्वेन्द्र सिंह, अमर सिंह, दीपेंद्र सिंह और गजेंद्र शक्तावत शामिल हैं।

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