अयोध्या विकास प्राधिकरण ने राम मंदिर दान घोटाले के आरोपी लवकुश मिश्रा के घर पर नोटिस लगाया है। उनसे घर का स्वीकृत नक्शा मांगा गया है, न दिखाने पर घर सील करने की चेतावनी दी है। मिश्रा समेत 8 आरोपियों की न्यायिक हिरासत 14 दिन बढ़ा दी गई है।
राम मंदिर दान घोटाला: आरोपी के घर पर ADA का नोटिस
अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) ने मंगलवार को लवकुश मिश्रा के नवनिर्मित घर पर एक नोटिस चिपकाया। यह संपत्ति कथित तौर पर उनकी पत्नी सुप्रिया मिश्रा के नाम पर दर्ज है। नोटिस में मालिकों को बिल्डिंग का स्वीकृत नक्शा पेश करने का निर्देश दिया गया है।
नोटिस के मुताबिक, ADA ने पहले 3 जुलाई को एक सूचना जारी कर मालिकों से संपत्ति का स्वीकृत बिल्डिंग प्लान जमा करने को कहा था। हालांकि, तय समय में जरूरी दस्तावेज जमा नहीं किए जाने के कारण, प्राधिकरण ने अब 15 जुलाई की नई डेडलाइन तय की है। नोटिस में कहा गया है कि अगर तय तारीख तक स्वीकृत बिल्डिंग प्लान पेश नहीं किया गया, तो कानून के संबंधित प्रावधानों के तहत संपत्ति को सील किया जा सकता है।
मामले में कानूनी कार्रवाई और सुप्रीम कोर्ट का दखल
लवकुश मिश्रा कथित राम मंदिर दान गबन मामले के आरोपियों में से एक है, जिसकी जांच चल रही है। यह मामला अभी न्यायिक प्रक्रिया में है और आरोपों के संबंध में कोई निष्कर्ष नहीं निकला है। इस बीच, अयोध्या की एक अदालत ने 13 जुलाई को सभी आठ आरोपियों की न्यायिक हिरासत 14 दिन और बढ़ा दी। आरोपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश हुए और उनकी अगली पेशी 27 जुलाई को होनी है।
इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने राम जन्मभूमि मंदिर में कथित दान के दुरुपयोग की स्वतंत्र और अदालत की निगरानी में जांच की मांग करने वाली याचिकाओं पर केंद्र, उत्तर प्रदेश सरकार और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी किया था। सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाओं में उन आरोपों की स्वतंत्र जांच की मांग की गई है, जिनमें कहा गया है कि राम मंदिर में भक्तों द्वारा दिए गए दान को नकदी गिनने वाले कर्मचारियों ने हड़प लिया था।
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