अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में 40 दिनों तक लंबी बहस चली। दोनों पक्ष के वकीलों ने अपने-अपने तर्क रखे। नौबत यहां तक आ गई कि हिंदू महासभा के पक्ष रख रहे वकील ने एक नक्शा पेश किया, जिसे देख मुस्लिम पक्ष रख रहे वकील राजीव धवन भड़क गए और वहीं पर नक्शा फाड़ दिया।   

नई दिल्ली. अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में 40 दिनों तक लंबी बहस चली। दोनों पक्ष के वकीलों ने अपने-अपने तर्क रखे। नौबत यहां तक आ गई कि हिंदू महासभा के पक्ष रख रहे वकील ने एक नक्शा पेश किया, जिसे देख मुस्लिम पक्ष रख रहे वकील राजीव धवन भड़क गए और वहीं पर नक्शा फाड़ दिया। लेकिन इन सबके बीच 16 अक्टूबर को शाम 4 बजे बहस पूरी हुई। अब 23 दिनों के अंदर फैसला आने की उम्मीद है।

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जब कोर्ट रूम से बाहर निकले दोनों वकील
16 अक्टूबर को शाम 4 बजे कोर्ट की सुनवाई पूरी हुई। इसके बाद दोनों वकील कोर्ट रूम से बाहर निकले। लेकिन उनके बाहर निकलने का अंदाज अलग था। वे एक-दूसरे की पीठ पर हाथ रखकर बाहर निकले। उनके साथ जूनियर्स की टीम भी थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पार्किंग में पहुंचकर के परासरण, राजीव धवन का इंतजार करने लगे। थोडी देर में राजीव धवन वहां पहुंचे और दोनों ने एक दूसरे से हाथ मिलाया और वहां से चले गए।

जब फाड़ दिया था नक्शा

हिंदू महासभा के वकील विकास सिंह ने किशोर कुणाल की किताब 'अयोध्या रिविजिटेड' के नक्शे को दूसरे दस्तावेजों के साथ रखकर अपनी बात कह रहे थे। तभी मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने इसपर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि किताब रिकॉर्ड का हिस्सा नहीं है। इतना कहते ही राजीव धवन ने उस नक्शे को फाड़ दिया और उसके पांच टुकड़े कर दिए।