पी चिदंबरम को अग्रिम जमानत की अपील पर ईडी का बयान, कहा-माल्या, चौकसी और मोदी के केसों पर पड़ेगा असर।

नई दिल्‍ली. सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। इस दौरान प्रवर्तन निदेशालय ने कहा कि चिदंबरम को अग्रिम जमानत देना सुप्रीम कोर्ट के लिए विनाशकारी साबित हो सकता है। क्योंकि उनकी जमानत का सीधा असर विजय माल्या, मेहुल चौकसी, नीरव मोदी और जाकिर नाइक जैसे मामलों पर पड़ेगा। बता दें कि INX मीडिया में पी चिदंबरम द्वारा किये गए घोटाले को लेकर केस दर्ज किया गया है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

ED ने जताई आपत्ति
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने चिदंबरम के वकीलों की दलिलों को खारिज करते हुए कहा कि मनी लॉन्ड्रिंग का अपराध समाज, राष्ट्र और अर्थव्यवस्था के खिलाफ है। मेहता ने कहा कि जांच को किस तरह से बढ़ाया जाए इसका अधिकार एजेंसी के पास है। यदि गिरफ्तार करने से पहले ही सारे सबूतों, गवाहों को आरोपी के समक्ष रख दिया जाए तो आरोपी द्वारा सबूतों के साथ छेड़छाड़ करना संभव होगा।

आर्थिक अपराध को अदालत गंभीरता से लेती है-ईडी
उन्‍होंने कहा कि पी चिदंबरम के वकील कपिल सिब्बल का कहना है कि अपराध की गंभीरता 'सब्जेक्टिव टर्म' है। PMLA के तहत यह मामला उनके हिसाब से गंभीर नहीं होगा, लेकिन भारत देश की अदालतें आर्थिक मामलों को गंभीरता से लेती है। बता दें कि बुधवार को कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान कहा था कि 7 साल से कम तक की सज़ा के प्रावधान वाले अपराध CRPC के अनुसार कम गंभीर श्रेणी में आते हैं।