उन्होंने दावा किया शिप्रा के 19 वर्षीय बेटे के पास आधार कार्ड था लेकिन उसके पास जन्म प्रमाण पत्र और मतदाता पहचान पत्र नहीं था जिसके कारण शिप्रा डरी हुई थी कि उसके बेटे को देश से बाहर निकाला जा सकता है। 

वर्द्धमान. पश्चिम बंगाल के पूर्वी वर्द्धमान जिले में 36 वर्षीय महिला ने फांसी लगाकार आत्महत्या कर ली थी। परिवार ने दावा किया कि उसने एनआरसी लागू होने के डर से आत्महत्या की है। वह नागरिकता साबित करने के लिए जरूरी दस्तावेज नहीं टुटा पाई थी बेघर होने के डर से महिला काफी तनाव में थी।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

टेलिग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक, जमालपुर पुलिस थाने के तहत आने वाले तेली गांव के जाउग्राम इलाके में शनिवार को शिप्रा सिकदर अपने घर में फंदे से लटकी पाई गई। आनन-फानन में उसे पास के सरकारी अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। स्थानीय लोगों ने बताया कि शिप्रा के पति सुभाष सिकंदर एक वैन चालक हैं और उनके दो बच्चे हैं।

कानून पारित होने से डरी हुई थी महिला

शिप्रा के रिश्तेदार बिपुल सिकंदर ने बताया कि संसद में नागरिकता (संशोधन) विधेयक पारित होने के बाद से वह परेशान और डरी हुई थी। उसे डर था कि हम नागरिकता के सबूत कैसे जुटाएंगे। महिला बांग्लादेश के बरिसल की रहने वाली है, वह साल1990 में पति सुभाष के साथ भारत आ गई थी। 1970 से बाद के कोई दस्तावेज उसके पास नहीं है जो उसकी नागरिकता साबित कर सकें। महिला को अपना घर चलाने के लिए मनरेगा से होने वाली आय पर निर्भर रहना पड़ता था। 

बेटे को देश से निकाले जाने का डर

उन्होंने दावा किया शिप्रा के 19 वर्षीय बेटे के पास आधार कार्ड था लेकिन उसके पास जन्म प्रमाण पत्र और मतदाता पहचान पत्र नहीं था जिसके कारण शिप्रा डरी हुई थी कि उसके बेटे को देश से बाहर निकाला जा सकता है। उन्होंने कहा, 'वह अपने बेटे के लिए दस्तावेज जुटाने कई बार बीडीओ कार्यालय गई लेकिन वह दस्तावेज नहीं जुटा पाई। उसने एनआरसी के कारण खुद को खत्म कर लिया।'

पुलिस करेगी मामले की जांच

जमालपुर पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि उन्हें आत्महत्या का शक है। हालांकि अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। परिवार के दावे की जांच की जा रही है। वहीं स्थानीय बीजेपी नेता का कहना है कि, महिला ने गरीबी और दिन-रात पति से होने वाले झगड़े के कारण आत्महत्या की है। इसका एनआरसी से कोई संबंध नहीं है।