ED ने 450 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में संतोष ओवरसीज लिमिटेड से जुड़े दिल्ली, यूपी और पंजाब में 8 ठिकानों पर छापेमारी की। इसके साथ ही बिहार में अवैध रेत खनन मामले में भी महादेव एनक्लेव प्राइवेट लिमिटेड के ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया गया।
450 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग का मामला, ED की कई राज्यों में छापेमारी
नई दिल्ली [भारत], 24 जुलाई (एएनआई): प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को संतोष ओवरसीज लिमिटेड और उससे जुड़ी संस्थाओं के खिलाफ 450 करोड़ रुपये के कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में चल रही जांच के सिलसिले में दिल्ली, उत्तर प्रदेश और पंजाब में आठ ठिकानों पर तलाशी ली।
सुरक्षा बलों के साथ करीबी समन्वय में सुबह से ही कंपनी के प्रमोटरों, संबंधित संस्थाओं और मददगारों से जुड़े परिसरों में छापेमारी चल रही है।
ईडी का लखनऊ जोनल ऑफिस धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत तलाशी अभियान चला रहा है।
ईडी की यह जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के एक मामले से निकली है, जो बैंकों के एक कंसोर्टियम से लिए गए लगभग 450 करोड़ रुपये की कथित बैंक धोखाधड़ी से संबंधित है।
जांच से जुड़े अधिकारियों ने कहा, "जांच में पता चला है कि लोन की रकम को कथित तौर पर फर्जी बिलों और सर्कुलर वित्तीय लेनदेन के जरिए शेल कंपनियों, एंट्री ऑपरेटरों और संबंधित कंपनियों के नेटवर्क के माध्यम से डायवर्ट और लेयर किया गया था।"
उन्होंने कहा कि तलाशी अभियान सुचारू रूप से चल रहा है और आगे की जांच जारी है।
अवैध रेत खनन को लेकर बिहार-राजस्थान में भी छापे
इससे पहले, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को बिहार स्थित महादेव एनक्लेव प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किए गए कथित अवैध रेत खनन के मामले में बिहार, दिल्ली और राजस्थान में आठ जगहों पर तलाशी ली। इस कंपनी को राजस्थान के श्री गंगानगर के चांडक परिवार में से एक द्वारा नियंत्रित किया जाता है, जिसके प्रमुख अशोक चांडक और उनके बेटे राघव चांडक हैं।
ये छापे सुबह से जारी हैं, जिनमें बिहार के बांका और पटना में एक-एक, दिल्ली और एनसीआर में एक, साथ ही श्री गंगानगर में चार और जयपुर में एक ठिकाना शामिल है।
ईडी का पटना जोनल कार्यालय इस मामले में पीएमएलए की धारा 17 के तहत तलाशी अभियान चला रहा है।
अधिकारियों ने कहा कि जांच के दौरान, इस बात के सबूत मिले कि महादेव एनक्लेव प्राइवेट लिमिटेड ने बड़े पैमाने पर अवैध खनन किया था और राज्य के खनन विभाग द्वारा इसकी सूचना नहीं दी गई थी या इस पर ध्यान नहीं दिया गया था। (एएनआई)
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