कर्नाटक में कांग्रेस सरकार ने अन्न भाग्य योजना में बड़ा बदलाव किया है। सिद्धारमैया सरकार अब अन्न भाग्य योजना के तहत दस किलो फ्री चावल देने की बजाय सीधे पैसे लाभार्थियों के खाते में ट्रांसफर करेगी।

Anna Bhagya Scheme: कर्नाटक में कांग्रेस सरकार ने अन्न भाग्य योजना में बड़ा बदलाव किया है। सिद्धारमैया सरकार अब अन्न भाग्य योजना के तहत दस किलो फ्री चावल देने की बजाय सीधे पैसे लाभार्थियों के खाते में ट्रांसफर करेगी। दरअसल, बड़े पैमाने पर चावल खरीद में आ रही दिक्कतों को देखते हुए सरकार ने यह निर्णय लिया है। राज्य सरकार 34 रुपये प्रति किलो के हिसाब से लाभार्थियों के खाते में पैसे ट्रांसफर करेगी।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

दस किलो फ्री चावल का किया था वादा

कांग्रेस ने कर्नाटक में सरकार बनने पर पांच गारंटियों का वादा किया था। इन पांच गारंटियों में दस किलो फ्री चावल भी शामिल था। राज्य में कांग्रेस सरकार बनने के बाद अब सिद्धारमैया के नेतृत्व में कैबिनेट सभी गारंटियों को पूरा करने में लगी है। अन्न भाग्य योजना के तहत दस किलो चावल देने के लिए राज्य सरकार ने पहले चावल बडे़ पैमाने पर खरीदने की कोशिश की लेकिन खरीद में आ रही दिक्कतों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है कि सीधे लाभार्थियों के खाते में 340 रुपये ट्रांसफर कर दिया जाएगा। हर महीना 340 रुपये सरकार अन्न भाग्य योजना के लाभार्थियों को अब ट्रांसफर करेगी। दरअसल, राज्य सरकार ने चावल का दर 34 रुपये प्रति किलो तय करते हुए उसी के हिसाब से कैश ट्रांसफर करने का ऐलान किया है।

कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में किए थे पांच वादे...सरकार बनने के बाद कर रही पूरे

हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में पांच वादे लोगों से किए थे। कांग्रेस ने इसे पांच गारंटी के नाम से लोगों में प्रचार-प्रसार किया। इन पांच गारंटियों में, गृह ज्योति स्कीम के तहत सभी घरों को 200 यूनिट मुफ्त बिजली; गृह लक्ष्मी योजना के तहत हर परिवार की महिला मुखिया (गृह लक्ष्मी) को ₹ 2,000 मासिक सहायता देने का वादा किया गया था। इसके अलावा अन्ना भाग्य के तहत बीपीएल परिवार के प्रत्येक सदस्य को 10 किलो चावल मुफ्त; युवा निधि के तहत बेरोजगार स्नातक युवाओं के लिए हर महीने ₹3,000 और बेरोजगार डिप्लोमा धारकों के लिए ₹1,500 (दोनों 18-25 आयु वर्ग में) दो साल तक देने का वादा किया गया था। जबकि महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा के तहत सार्वजनिक परिवहन बसों में महिला यात्रियों से किराया नहीं लेने का ऐलान किया गया था।

यह भी पढ़ें:

तीस्ता सीतलवाड को मिली अंतरिम जमानत: सुप्रीम कोर्ट के 3 जजों की बेंच ने रात में की सुनवाई