केंद्र सरकार ऑफिसों में काम करने का समय बढ़ा सकती है। जिसको लेकर वेज कोड रूल्स का ड्राफ्ट जारी कर दिया गया है। इसमें 8 की जगह 9 घंटे काम करने की सिफारिश की गई है। अभी जो नियम है  उसके अनुसार 8 घंटे के हिसाब से 26 दिन काम के बाद सैलरी तय होती है। हालांकि, इसमें नेशनल मीनिमम वेज की घोषणा नहीं है। ड्राफ्ट में केंद्र ने ज्यादातर पुराने सुझावों को ही रखा है। इसमें मजदूरी तय करने के लिए पूरे देश को 3 जियोग्राफिकल वर्गों में बांटा गया है।

नई दिल्ली. केंद्र सरकार ऑफिसों में काम करने का समय बढ़ा सकती है। जिसको लेकर वेज कोड रूल्स का ड्राफ्ट जारी कर दिया गया है। इसमें 8 की जगह 9 घंटे काम करने की सिफारिश की गई है। अभी जो नियम है उसके अनुसार 8 घंटे के हिसाब से 26 दिन काम के बाद सैलरी तय होती है। हालांकि, इसमें नेशनल मीनिमम वेज की घोषणा नहीं है। ड्राफ्ट में केंद्र ने ज्यादातर पुराने सुझावों को ही रखा है। इसमें मजदूरी तय करने के लिए पूरे देश को 3 जियोग्राफिकल वर्गों में बांटा गया है।

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राष्ट्रीय न्यूनतम वेतन 375 रुपए होना चाहिए
इस साल जनवरी में एक आंतरिक पैनल ने केंद्रीय श्रम मंत्रालय को भेजी अपनी एक रिपोर्ट में कहा था कि भारत में राष्ट्रीय न्यूनतम वेतन 375 रुपए होना चाहिए। इस तरह मासिक वेतन के तौर पर 9750 मिलेगा। पैनल ने अपनी रिपोर्ट में 1430 रुपए हाउसिंह अनाउंस देने का भी प्रस्ताव दिया था।

तीन भौगोलिक कैटेगिरी में बांटा जाएगा
ड्राफ्ट में कहा गया है कि जब न्यूयतम वेतन पर कोई फैसला लिया जाएगा, तब देश को तीन भौगोलिक कैटेगिरी में बांटा जाएगा। जिनमें मेट्रोपॉलिटिन एरिया, जिसकी जनसंख्या 40 लाख से ज्यादा है। नॉन मेट्रोपॉलिटिन एरिया 
जिसकी जनसंख्या 10 लाख से 40 लाख और ग्रामीण इलाके शामिल होंगे। साथ ही घर का किराया न्यूनतम वेतन के 10 % के बराबर तय होगा। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि कैटेगिरी के हिसाब से इनमें कोई बदलाव होगा या नहीं।