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ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटरों की कालाबाजारी का मामला, दिल्ली की कोर्ट ने कारोबारी नवनीत कालरा को दी जमानत

कोरोना संकट की दूसरी लहर से जूझते लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले नवनीत कालरा को दिल्ली की कोर्ट ने जमानत दे दी है। इस मामले में आज सुनवाई हुई थी। दिल्ली पुलिस ने राजधानी से 544 ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर जब्त किए थे। इनमें से 105 खान चाचा रेस्टोरेंट और टाउन हॉल से मिले थे। इनका मालिक नवनीत कालरा है।

Black marketing of medical oxygen, decision on bail of Navneet Kalra today kpa
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New Delhi, First Published May 29, 2021, 10:25 AM IST
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नई दिल्ली. कोरोना संकट की दूसरी लहर से जूझते लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले नवनीत कालरा को दिल्ली की कोर्ट ने जमानत दे दी है। इस मामले में आज सुनवाई हुई थी। दिल्ली पुलिस ने राजधानी से 544 ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटरों जब्त किए थे। इनमें से 105 खान चाचा रेस्टोरेंट और टाउन हॉल से मिले थे। इनका मालिक नवनीत कालरा है।

आरोपी को 17 मई को गिरफ्तार किया गया था। शुक्रवार को आरोपी ने मुख्य मेट्रोपोलिटिन मजिस्ट्रेट अरुण कुमार गर्ग की अदालत में कहा था कि लोगों को ठगने का उसका कोई इरादा नहीं था। उसने तर्क दिया था कि कंसंट्रेटर्स की बिक्री से सरकार को फायदा हुआ है। सरकार को जीएसटी मिला है। यही नहीं, उसने टैक्स भरा है। इस बीच आरोपी के वकील ने कहा कि सलमान खान ने भी इसी तरह से ऑक्सीजन कंसंट्रेटर खरीदे थे। उसके मुवक्किल को लोगों ने शुक्रिया तक बोला था। अदालत ने शनिवार को अतिरिक्त लोक अभियोजक अतुल श्रीवास्तव की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखा।

वकील ने दिया तर्क
शनिवार को नवनीत कालरा की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान अतिरिक्त लोक अभियोजक (Additional Public Prosecutor) अतुल श्रीवास्तव ने दिल्ली कोर्ट से कहा कि ऑक्सीजन कंसंट्रेटर न तो प्रीमियम था और न ही जर्मनी का। यहां तक कि यह किसी व्यक्ति के उपयोग तक के लिए उपयुक्त नहीं है। श्रीवास्तव ने तर्क दिया कि कालरा ने आत्मसमर्पण नहीं किया था। वो छुपता फिर रहा था, इसलिए जमानत याचिका खारिज कर दी जानी चाहिए। जबकि आरोपी के वकील ने कहा कि मैट्रिक्स(खन्ना मैट्रिक्स सेल्युलर सर्विस लिमिटेड) के कृत्य के लिए कालरा को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है।

आरोपी के वकील ने दी थी सफाई-ऑनलाइन पोर्टल की तुलना में कम कीमत में बेचा

शुक्रवार को कोर्ट में आरोपी के वकील विकास पाहवा ने कहा है कि उसके मुवक्किल ने आनॅलाइन पोर्टल की तुलना में कम कीमत पर ऑक्सीजन कंसंट्रेटर बेचे थे। उसने कई परिवारों और दोस्तों की मदद की थी। वकील ने इसी आधार पर जमानत मांगी थी।

पुलिस ने जारी किया था लुकऑउट नोटिस
पुलिस की रेड के बाद कालरा गायब हो गया था। पुलिस और क्राइम ब्रांच की कई टीमों ने उसकी तलाश में दिल्ली, एनसीआर समेत 20 से ज्यादा जगहों पर छापे मारी की थी। दिल्ली पुलिस ने कालरा के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया था। पुलिस को शक था कि वह विदेश भाग सकता है। इस मामले में पुलिस ने गुरुग्राम से गौरव खन्ना को भी गिरफ्तार किया था। वह खन्ना मैट्रिक्स सेल्युलर सर्विस लिमिटेड का सीईओ है। यह कंपनी उपकरण आयात करने वाली कंपनियों में से एक है।

दोस्ते के साथ मिलकर कालाबाजारी कर रहा था नवनीत
पुलिस के मुताबिक, नवनीत दोस्त गगन दुग्गल के साथ मिलकर ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर की कालाबाजारी कर रहा था। वह इन्हें ज्यादा दामों में बेच रहा था। पुलिस को शक है कि कालरा पहले भी ऑक्सीजन कंसंट्रेटर बेच चुका है। 

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