वित्त मंत्रालय सरकारी दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल को बंद करने के पक्ष में नहीं है। दूरसंचार विभाग के एक शीर्ष अधिकारी ने शुक्रवार को यह संकेत दिए। यह पूछे जाने पर कि क्या वित्त मंत्रालय बीएसएनएल को बंद करने के पक्ष में है। 

नई दिल्ली. वित्त मंत्रालय सरकारी दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल को बंद करने के पक्ष में नहीं है। दूरसंचार विभाग के एक शीर्ष अधिकारी ने शुक्रवार को यह संकेत दिए। यह पूछे जाने पर कि क्या वित्त मंत्रालय बीएसएनएल को बंद करने के पक्ष में है , इस पर दूरसंचार विभाग के सचिव अंशु प्रकाश ने कहा , "यह जानकारी गलत है।" दुरसंचार सचिव ने मोबाइल टावर से जुड़े उद्योग संगठन ताइपा की सालाना आम बैठक के मौके पर अलग से यह बात कही।

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पुनरुद्धार योजना को मंजूरी 
गृह मंत्री अमित शाह की अगुवाई वाले मंत्रियों के समूह ने दूरसंचार विभाग की प्रस्तावित पुनरुद्धार योजना को मंजूरी दी है। मंत्रियों के समूह ने जुलाई में घाटे में चल रही दूरसंचार कंपनियों के पुनरुद्धार के लिए प्रस्तावित पैकेज को मंजूरी दे दी थी। इस समूह में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद भी थे। हालांकि , बाद में वित्त मंत्रालय के अधिकारियों ने इस प्रस्ताव पर 80 से अधिक आपत्तियां उठा दी थीं।

74,000 करोड़ रुपए की योजना का प्रस्ताव
दूरसंचार मंत्रालय ने बीएसएनएल के उद्धार के लिए 74,000 करोड़ रुपये की योजना का प्रस्ताव किया है , क्योंकि इसको बंद करने में भी सरकार को 95,000 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे। इस योजना में कर्मचारियों की स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना के लिए 29,000 करोड़ रुपए , 4 जी स्पेक्ट्रम के लिए 20,000 करोड़ रुपए और 4 जी सेवाओं को पूंजीगत खर्च के वित्तपोषण के लिए 13,000 करोड़ रुपए शामिल हैं।