CBI ने 231 करोड़ रुपये से ज्यादा के दो बैंक फ्रॉड मामलों में महाराष्ट्र और गुजरात में छापेमारी की है। ये मामले SBI और केनरा बैंक से जुड़ी धोखाधड़ी के हैं, जिसमें दो कंपनियों R L ज्वेल्स लिमिटेड और आशापुरा गारमेंट्स लिमिटेड पर आरोप हैं। जांच जारी है।

नई दिल्ली [भारत], 4 जुलाई (एएनआई): केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शनिवार को दो बैंक धोखाधड़ी मामलों के सिलसिले में महाराष्ट्र और गुजरात में छापेमारी की। इन मामलों में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) और केनरा बैंक को 231 करोड़ रुपये से अधिक का कथित नुकसान हुआ है।

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पहला मामला: आर एल ज्वेल्स पर 103 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप

एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, पहला मामला भारतीय स्टेट बैंक, मुंबई की शिकायत पर मेसर्स आर एल ज्वेल्स लिमिटेड, उसके निदेशकों और अज्ञात लोक सेवकों के खिलाफ दर्ज किया गया था। इसमें आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, विश्वास का आपराधिक हनन, संपत्ति का दुरुपयोग और जालसाजी जैसे अपराधों के आरोप हैं। एजेंसी ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने बैंक को 103.58 करोड़ रुपये का गलत तरीके से नुकसान पहुंचाया।

सीबीआई ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने फंड का दुरुपयोग किया, दूसरे बैंकों में रखे गए चालू खातों के जरिए पैसा डायवर्ट किया और बही-खातों व इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड में हेरफेर और जालसाजी की।

दूसरा मामला: आशापुरा गारमेंट्स ने लगाया 128 करोड़ का चूना

दूसरा मामला केनरा बैंक की शिकायत पर मेसर्स आशापुरा गारमेंट्स लिमिटेड, उसके निदेशकों, अज्ञात लोक सेवकों और निजी व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज किया गया। एजेंसी के अनुसार, कंपनी और उसके निदेशकों ने कथित तौर पर केनरा बैंक के नेतृत्व वाले बैंकों के एक कंसोर्टियम को धोखा देने की साजिश रची, जिससे 128.23 करोड़ रुपये का कथित नुकसान हुआ।

सीबीआई ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने टेक्सटाइल संचालन के लिए मिली बैंक क्रेडिट सुविधाओं को गैर-औद्योगिक लेनदेन में लगाया और फंड को स्टील, एल्यूमीनियम और कोयले का कारोबार करने वाली संस्थाओं के साथ उच्च-मूल्य वाले ट्रेडों में डायवर्ट कर दिया।

छापेमारी में आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद

यह तलाशी कंपनियों के निदेशकों से जुड़े आवासीय परिसरों के साथ-साथ मेसर्स आर एल ज्वेल्स लिमिटेड और मेसर्स आशापुरा गारमेंट्स लिमिटेड के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और कार्यालय परिसरों में की गई। सीबीआई के अनुसार, तलाशी के दौरान आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल सबूत बरामद हुए हैं, जिनमें कथित तौर पर फंड डायवर्जन से संबंधित रिकॉर्ड और जांच से जुड़ी अन्य सामग्री शामिल है।

एजेंसी ने कहा कि जब्त की गई सामग्री की जांच की जा रही है ताकि कथित साजिश की सीमा का पता लगाया जा सके, फंड के प्रवाह को ट्रैक किया जा सके और इसमें शामिल सभी व्यक्तियों की भूमिका की पहचान की जा सके। आगे की जांच जारी है। (एएनआई)

(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एशियनेट न्यूज स्टाफ द्वारा एडिट नहीं किया गया है और यह एक सिंडिकेट फीड से प्रकाशित हुई है।)