नई दिल्ली। कोरोना के खिलाफ जंग में हर मोर्चे पर तैयारी चल रही है। केंद्र सरकार के अधीन सभी मंत्रालय सभी जरूरी चिकित्सा उपकरणों पर नजर बनाए हुए हैं। केंद्रीय रसायन और उर्वरक मंत्री सदानंद गौड़ा ने बुधवार को कोरोना के इलाज में उपयोगी रेमडेसिविर दवा से सीमा शुल्क माफ करने का ऐलान किया है।
 
इंजेक्शन की घरेलू उपलब्धता बढ़ेगी

फार्मास्यूटिकल्स विभाग ने रेमडेसिविर की उपलब्धता के लिए सीमा शुल्क घटाने की सिफारिश की थी। आवश्यकता को देखते हुए राजस्व विभाग ने रेमडेसिविर और इसके एपीआई/केएसएम पर सीमा शुल्क घटा दिया है। केंद्र सरकार के इस कदम से रेमडेसिवीर इंजेक्शन की घरेलू उपलब्धता को और अधिक बढ़ाया जा सकेगा। 
 
वायरल रोधी दवाओं पर भी सीमा शुल्क घटाने का फैसला

देश में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच सरकार ने बीते मंगलवार को रेमडेसिविर और इसके कच्चे माल तथा वायरल रोधी दवा बनाने में इस्तेमाल होने वाले अन्य सामान पर सीमा शुल्क समाप्त करने का फैसला किया था। इसकी मदद से रेमडेसिविर इंजेक्शन की घरेलू आपूर्ति बढ़ाने और लागत घटाने में मदद मिलेगी।
 
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रेमडेसिविर एक तरह की एंटीवायरल दवाई है, हाल ही में निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया ने बताया कि रेमडेसिविर केवल अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए है। उसमें भी जो आईसीयू में हैं और जिनका ऑक्सीजन लेवल कम हो रहा है या फेफड़े में कुछ दाग आएं हैं, उनके लिए ये दवा है। अगर किसी को पॉजिटिव आने के तुरंत बाद ही दिया जाए या एसिंप्टोमेटिक को दिया जाए तो कोई फायदा नहीं बल्कि उन्हें हानि भी हो सकती है। रेमडेसिविर कोरोना से बचाव नहीं है, सिर्फ गंभीर रूप से बीमार लोगों में से सीवियरटी कम करता है। इस तरह उन्होंने स्टोरॉइड दवा के बारे में भी कहा है।