चीनी वीजा मामले (Chinese Visa Case) में सीबीआई ने कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम (Karti Chidambaram) के घर की तलाशी ली है। कार्ति पर चीनी कामगारों को प्रोजेक्ट वीजा फिर से जारी कराने के बदले 50 लाख रुपए रिश्वत लेने का आरोप लगाया गया है। 

नई दिल्ली। चीनी वीजा मामले (Chinese Visa Case) में सीबीआई की टीम ने शनिवार को कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम (Karti Chidambaram) के चेन्नई स्थित घर की तलाशी ली। 17 मई को सीबीआई ने कार्ति के इस घर की तलाशी ली थी। इस दौरान घर के एक हिस्से की जांच नहीं हो पाई थी। उस हिस्से में ताला लगा था। 

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सीबीआई की टीम को जानकारी दी गई कि ताले की चाबी कार्ति की पत्नी के पास है। वह विदेश गई हुईं हैं। इसके बाद सीबीआई के अधिकारियों ने घर के उस हिस्से को सील कर दिया था। जांच एजेंसी ने चाबी बरामद की, जिसके बाद शनिवार को घर के उस हिस्से की तलाशी ली गई। जांच एजेंसी के अधिकारियों ने कहा कि शनिवार को की गई तलाशी 17 मई को हुई तलाशी का हिस्सा है। 

सीबीआई ने कार्ति के खिलाफ दर्ज किया था एफआईआर
बता दें कि चीनी वीजा मामले में सीबीआई ने कार्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया था। दूसरी ओर कार्ति का कहना है कि उनके खिलाफ राजनीतिक बदले की भावना से तीन फर्जी केस दर्ज किए गए हैं। सीबीआई ने 14 मई को कार्ति के खिलाफ केस दर्ज किया था। सीबीआई ने कार्ति चिदंबर और अन्य पर चीनी लोगों को वीजा दिलाने में मदद के बदले रिश्वत लेने का आरोप लगाया है। 

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मिला था 50 लाख रुपए रिश्वत
आरोप है कि कार्ति और उनके करीबी सहयोगी एस भास्कररमण को 50 लाख रुपए रिश्वत मिला था। इन्हें वेदांता समूह की कंपनी तलवंडी साबो पावर लिमिटेड (TSPL) के शीर्ष अधिकारी ने पैसे दिए। यह कंपनी पंजाब में पावर प्लांट लगा रही थी। कंपनी को 263 चीनी कर्मियों का प्रोजेक्ट वीजा फिर से जारी कराने की जरूरत थी। उस समय कार्ति के पिता पी चिंदबरम गृह मंत्री थे।

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