नई दिल्ली. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा मंगलवार को बंगाल में चुनाव नतीजों के बाद हुई हिंसा में मारे गए कार्यकर्ताओं के परिजनों से मुलाकात करने पहुंचे। इस दौरान नड्डा ने कहा, बंगाल में सत्ता पर बैठने के लिए रक्त रंजित राजनीति को भाजपा कभी बर्दाश्त नहीं करेगी। ममता जी का राजनीति ढोंग और जिस तरह वो कहती हैं कि वो शांति लाना चाहती हैं ये शांति के तरीके हैं? हम इसका पर्दाफाश करेंगे।

जे पी नड्डा ने कोलकाता के बेलाघाटा में चुनाव के बाद हुई हिंसा में मारे गए पार्टी कार्यकर्ता अभिजीत सरकार के घर जाकर उनके परिवार से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कहा, बंगाल की जनता को जागरूक करेंगे कि अगले 5 साल इनके हाथों में किस तरह चलने वाले हैं। 

जेपी नड्डा दो दिवसीय दौरे पर बंगाल पहुंचे

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा पश्चिम बंगाल में हिंसा की स्थिति का आकलन करने मंगलवार को राज्य के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे हैं। बता दें कि बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा की जा रही हिंसा की देशभर में निंदा हो रही है। नड्डा ने कहा-पश्चिम बंगाल के चुनाव के नतीजों के बाद जो घटनाएं देखने और सुनने को मिली हैं, वो हमें हतप्रभ करती हैं, चिंता में डालती हैं। ऐसी घटनाएं भारत के विभाजन के समय मैंने सुनी थीं, लेकिन आज़ाद भारत में चुनाव के नतीजों के बाद इतनी असहिष्णुता हमने आज तक नहीं देखी। कार्यकर्ताओं पर जो प्रहार हो रहा है, उसको व्यक्तिगत रूप से देखने और कार्यकर्ताओं के साथ इस विपत्ति काल में खड़े होकर प्रजातात्रिंक तरीके से लड़ने के लिए BJP कृतसंकल्प है। उनकी(कार्यकर्ताओं) शहादत ज़ाया नहीं जाएगी, हम उनकी विचारधारा की लड़ाई निर्णायक मोड़ तक पहुंचाएंगे।

 

पीएम ने राज्यपाल से की बात
हिंसा को बावजूद तृणमूल कांग्रेस की लीडर ममता बनर्जी की खामोशी को लेकर सोशल मीडिया पर जबर्दस्त प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यपाल जगदीप धनखड़ को फोन करके कानून और व्यवस्था कि स्थिति पर चिंता और दुख व्यक्त किया। बता दें कि तृणमूल कार्यकर्ता भाजपाइयों को निशाना बना रहे हैं। भाजपा कार्यालयों में आग लगाई जा रही है। हिंसा में 11 लोगों की मौत की खबर है।

आरोप यहां तक लग रहे हैं कि TMC कार्यकर्ता भाजपा से जुड़ी महिलाओं के साथ रेप कर रहे हैं। इस मामले को लेकर ममता बनर्जी निशाने पर आ गई हैं। सोशल मीडिया पर इसकी तुलना कश्मीर में हुए हिंदुओं के नरसंहार और सिख विरोधी दंगों से की जा रही है। इस मामले में केंद्रीय गृहमंत्रालय ने राज्य से जवाब मांगा है। मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। भाजपा नेताओं ने इस हिंसा की सीबीआई जांच की मांग की है।

दिल्ली में भाजपा ने किया प्रदर्शन 

मंगलवार को दिल्ली में भाजपा ने प्रदर्शन करके अपना आक्रोश जताया। प्रदर्शन के बाद भाजपा नेता मीनाक्षी लेखी ने कहा-जिस तरह रेप, हत्या, आगजनी हुई है वह मुस्लिम लीग के डायरेक्ट एक्शन डे की याद दिलाता है। ये लोग चंडी पाठ का भी मजाक उड़ाते हैं, क्योंकि असलियत में वे जिहादी ताकतों के साथ  हैं। ये लोकतंत्र पर काला धब्बा है। लेफ्ट लिबरल इस पर आवाज तक नहीं निकाल रहे हैं।

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महिला आयोग ने लिया स्वत: संज्ञान
महिला आयोग की राष्ट्रीय अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कहा-सोशल मीडिया पर वीडियो आ रहे हैं, जिसमें पश्चिम बंगाल में महिलाओं का उत्पीड़न हो रहा है। हमने कल स्वत: संज्ञान लिया, जिसमें मैंने DGP को एक पत्र लिखा और आज उनसे बात की। इसके लिए मैं एक टीम भेज रही हूं। हम पीड़ितों से मिलने की कोशिश करेंगे।

ओवैसी ने सरकार को बताया विफल
एआईएमआईएम के प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने बंगाल हिंसा की निंदा की है। उन्होंने कहा कि जीवन का अधिकार मौलिक अधिकार है। किसी भी सरकार का पहला कर्त्तव्य लोगों की रक्षा करना है। अगर कोई सरकार ऐसा नहीं कर पा रही है, तो हम उसकी इस विफलता की निंदा करते हैं।

हिंसा को लेकर लगातार प्रतिक्रिया, ममता बनर्जी की खामोशी पर आक्रोश

कंगन रनौट ने बंगाल हिंसा पर आक्रोश जताते हुए लिखा-मैं गलती थी, वह(ममता) रावण नहीं, खून की प्यासी ताड़का है। उन्होंने बंगाल में राष्ट्रपति शासन तक की मांग कर दी। बता दें कि कंगना रनौत का ट्वीट अकाउंट फिलहाल सस्पेंड कर दिया गया है। रवीना टंडन ने बंगाल हिंसा में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना जताई है।

एक ट्वीट पर लिखा गया
ट्वीट अकाउंट पर पोस्टर दिखाते हुए लिखा गया-पश्चिम बंगाल में 2 मई 2021 को टीएमसी जीती और भाजपा चुनाव हार गई। तब से बंगाल में बीजेपी के लिए प्रचार करने वाले या मतदान करने वालों पर हमले हो रहे हैं। टीएमसी समर्थकों द्वारा बदला लेने के लिए भाजपा का समर्थन करने वाली कई महिलाओं का गैंगरेप किया गया। कई लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया है। 

 

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अशोक पंडित ने लिखा
फिल्ममेकर अशोक पंडित ने बंगाल की तुलना कश्मीर के आतंकवाद से की है।अशोक पंडित ने एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा-मैं भारत के सर्वोच्च न्यायालय से अपील करता हूं कि बंगाल में वर्तमान शासन द्वारा नरसंहार और मानवाधिकारों के उल्लंघन का मामला उठाया जाए। यह 1990 के कश्मीर में हिंदुओं के नरसंहार और 1984 के सिख विरोध दंगों की तरह है। मूकदर्शक बनकर ऐसी गलती दुबारा नहीं करें।

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