एमपी के राजगढ़ में डिप्टी कलेक्टर प्रिया वर्मा का बाल खींचने और उनके धक्कामुक्की के आरोप में दो लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। रविवार को राजगढ़ में भाजपा कार्यकर्ता सीएए के समर्थन में रैली निकाल रहे थे।  

भोपाल. एमपी के राजगढ़ में डिप्टी कलेक्टर प्रिया वर्मा का बाल खींचने और उनके धक्कामुक्की के आरोप में दो लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। रविवार को राजगढ़ में भाजपा कार्यकर्ता सीएए के समर्थन में रैली निकाल रहे थे। इसी दौरान हंगामा हुआ। आरोप है कि इसी दौरान प्रिया वर्मा ने एक कार्यकर्ता को थप्पड़ मार दिया। तभी पार्टी वर्कर्स ने महिला अधिकारी को घेर लिया और उनकी चोटी खींची।

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क्यों हुआ विवाद ?

राजगढ़ में धारा 144 लागी है। इसके बाद भी भाजपा के कुछ कार्यकर्ताओं ने बरौरा कस्बे में सीएए के समर्थन में रैली निकाली। यही से विवाद शुरू हुआ। प्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा, कलेक्टर मैडम, आप यह बताइये कि कानून की कौन सी किताब आपने पढ़ी है जिसमें शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे नागरिकों को पीटने और घसीटने का अधिकार आपको मिला है? सरकार कान खोलकर सुने ले, मैं किसी भी कीमत पर मेरे प्रदेशवासियों के साथ इस प्रकार की हिटलरशाही बर्दाश्त नहीं करूंगा।

21 साल की उम्र में बनीं डीएसपी

प्रिया वर्मा इंदौर के पास के गांव मांगलिया की रहने वाली हैं। महज 21 साल की उम्र में ही डीएसपी बन गईं। प्रिया वर्मा की पुरानी तस्वीरें शेयर की जा रही हैं। मध्य प्रदेश लोक सेवा की परीक्षा पास कर भैरवगढ़ जेल उज्जैन जेलर बनीं। वहां 6 महीने काम किया। 

14 घंटे करती थीं पढ़ाई

प्रियां 2015 में डीएसपी बन गईं। साल 2017 में एक बार फिर परीक्षा देकर उन्होंने प्रदेश में चौथा स्थान हासिल किया और डिप्टी कलेक्टर बनीं। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि वह हर रोज 14 घंटे पढ़ाई करती थीं। प्रिया एक साधारण परिवार से हैं। ज्यादा फीस होने की वजह से वह कोचिंग नहीं कर सकी। घर पर ही रहकर सेल्फ स्टडी की।