कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर अपने एक Tweet से बेवजह का विवाद खड़ा कर दिया। उन्होंने योग की शक्ति पर सवाल उठाए, तो बाबा रामदेव ने पलटवार किया। योग को हिंदु-मुस्लिम से जोड़ने की कोशिश की गई है। 

नई दिल्ली. आज सारी दुनिया में 7वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महामारी के इस दौरा में योग को मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण बताया, तो कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने एक ट्वीट करके विवाद खड़ा करने की कोशिश की है।

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योग पर उठाए सवाल, तो बाबा रामदेव ने दिया जवाब
अभिषेक मनु सिंघवी ने सुबह एक ट्वीट किया-ॐ के उच्चारण से ना तो योग ज्यादा शक्तिशाली हो जाएगा और ना अल्लाह कहने से योग की शक्ति कम होगी। इस पर योग गुरु बाबा रामदेव ने पलटवार करते हुए कहा कि‘ईश्वर-अल्लाह तेरो नाम, सबको सन्मति दे भगवान।’ जब एक एक हैं, तो फिर ॐ बोलने में क्या दिक्कत है? रामदेव ने कहा कि वे किसी को भी अल्लाह बोलने से नहीं रोकते, लेकिन इन सभी को भी योग करना चाहिए।

योग कोई मजहबी प्रक्रिया नहीं
बाबा रामदेव ने कहा-योग कोई मजहबी प्रक्रिया नहीं है। यह हमारे पूर्वजों की एक साझी विरासत है। योग, आयुर्वेद और अपनी सनातन ज्ञान परंपरा को हम गौरव से आत्मसात करें। योग पर कोई विवाद नहीं है। निष्पक्ष होकर योग के महत्व को मानें। आज पूरी दुनिया योग कर रही है। योग हमारी दिनचर्या का हिस्सा बनेगा। योग से सुरक्षा कवच तैयार हो जाता है। एक तरफ वैक्सीनेशन की दो डोज़ और दूसरी तरफ योग आयुर्वेद की डबल डोज़। जब चारों तरफ से आप अपने आपको मजबूत बना लेंगे, तो इस सुरक्षा कवच को कोई बेध नहीं पाएगा।

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