दर्शन हीरानंदानी ने महुआ मोइत्रा से अपनी जान पहचान की बात स्वीकारते हुए पीएम मोदी को बदनाम करने के लिए साजिश करने का आरोप महुआ मोइत्रा पर लगाया है।

Darshan Hiranandani letter on Mahua Moitra: टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा की कैश फॉर क्वेश्चन मामले में मुश्किलें बढ़ती दिख रही है। बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने महुआ मोइत्रा पर जिस उद्योगपति दर्शन हीरानंदानी से पैसे लेकर सवाल पूछने का दावा किया था, उसने एक कबूलनामा जारी किया है। दर्शन हीरानंदानी ने महुआ मोइत्रा से अपनी जान पहचान की बात स्वीकारते हुए पीएम मोदी को बदनाम करने के लिए साजिश करने का आरोप महुआ मोइत्रा पर लगाया है।

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क्या आरोप लगाया दर्शन हीरानंदानी ने?

दुबई में रह रहे व्यवसायी दर्शन हीरानंदानी ने अपने कथित लेटर में कहा कि वह महुआ मोइत्रा को तब से जानते हैं जब 2017 में बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट हुआ था। उस समय महुआ मोइत्रा विधायक थीं और शिखर सम्मेलन में आने वाले बिजनेसमेन के स्वागत और कोआर्डिनेशन की जिम्मेदारी थी। दर्शन हीरानंदानी ने बताया कि उसके बाद से वह लगातार मिलते रहे हैं और फोन पर बातचीत करते रहे हैं। भारत में कई अवसरों पर विशेष रूप से कोलकाता, दिल्ली या मुंबई में या विदेशों में मिले। जब भी वह दुबई जाती थीं तो दोनों की मुलाकात होती।

पीएम मोदी को बदनाम करने के लिए पूछा सवाल

उन्होंने बताया कि महुआ मोइत्रा लोकसभा में पहुंचना चाहती थीं। वह राज्यसभा में जाना दो बार ठुकरा चुकी है। सांसद बनने के बाद भी दोनों की तमाम बार मुलाकातें हुई। दर्शन हीरानंदानी ने बताया कि महुआ मोइत्रा बहुत महत्वाकांक्षी थीं और जल्द ही राष्ट्रीय स्तर पर अपना नाम कमाना चाहती थीं। उनके दोस्तों और सलाहकारों ने उन्हें सलाह दी थी कि प्रसिद्धि का सबसे आसान रास्ता प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी पर व्यक्तिगत हमला करना है। एकमात्र समस्या यह थी कि मोदी की प्रतिष्ठा बेदाग थी और वह किसी को भी नीति, शासन या व्यक्तिगत आचरण में उन पर हमला करने का कोई मौका नहीं दे रहे थे। हीरानंदानी ने कहा कि मोदी पर हमला करने के लिए सबसे साफ्ट टारगेट गौमत अदाणी थे। क्योंकि दोनों गुजरात के हैं। हीरानंदानी ने कहा कि गौतम अडानी ने देश के भीतर और बाहर, व्यवसायों, राजनीति और मीडिया के कुछ वर्गों के बीच ईर्ष्या और विरोधी पैदा कर दिए थे।

इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के मामले में बनाया निशाना

हीरानंदानी ने महुआ मोइत्रा पर आरोप लगाया कि वह जानती थी कि इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन मेरी कंपनियों के बजाय अडानी समूह की संयुक्त उद्यम कंपनी धामरा एलएनजी के साथ दीर्घकालिक ऑफ-टेक समझौता करना पसंद कर रही है। इस जानकारी के आधार पर मोइत्रा ने कुछ प्रश्नों का मसौदा तैयार किया। उन्होंने कहा कि अडाणी ग्रुप को निशाना बनाने के लिए उन्होंने संसद में सवाल किए। उन्होंने सांसद के तौर पर अपनी ईमेल आईडी मेरे साथ साझा की ताकि मैं उन्हें जानकारी भेज सकूं और वह संसद में सवाल उठा सकें। संसद में अडाणी ग्रुप पर किए गए सवालों के बाद मिली प्रतिक्रिया से वह खुश थीं। इसके बाद उन्होंने अडाणी ग्रुप और पीएम मोदी को निशाना बनाने के लिए सवालों के लिए मुझे अपना संसद लॉगिन और पासवर्ड दिया। मोइत्रा को अपने प्रयास में सुचेता दलाल, शार्दुल श्रॉफ और पल्लवी श्रॉफ जैसे अन्य लोगों से मदद मिल रही थी जो उनके संपर्क में थे।

मुझसे समय-समय पर गिफ्ट वगैरह मांगी

महुआ मोइत्रा पर आरोप लगाते हुए हीरानंदानी ने कहा कि वह विपक्षी शासन वाले राज्यों में अपनी कंपनी के सपोर्ट के लिए उनके साथ थे। क्योंकि उनकी घनिष्ठता राहुल गांधी, शशि थरूर, पिनाकी मिश्रा जैसे लोगों के साथ थी। दर्शन हीरानंदानी ने यह भी आरोप लगाया कि महुआ मोइत्रा उनसे समय समय पर डिमांड भी रखती थी जिसे वह पूरा करते रहते थे। इन डिमांड्स में उन्हें महंगी लग्जरी आइटम्स उपहार में देना, दिल्ली में उनके आधिकारिक तौर पर आवंटित बंगले के नवीनीकरण में सहायता प्रदान करना, ट्रेवल एक्सपेंस, हॉलीडे पैकेज शामिल थे। दर्शन हीरानंदानी ने कहा कि महुआ मोइत्रा की डिमांड और अनावश्यक दबाव बढ़ता जा रहा था, जोकि मुझे अनुचित लग रहा था। वह ऐसा करना नहीं चाहते थे लेकिन उनके पास कोई विकल्प नहीं था।