देश की सीमाओं का अब इतिहास लिखा जाएगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस तरह के पहले प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। सरकार का उद्देश्य लोगों में देश प्रेम की भावना जाग्रत करना और उन्हें सीमाओं, सीमावर्ती क्षेत्रों से रूबरू कराना है।

नई दिल्ली. देश की सीमाओं का अब इतिहास लिखा जाएगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस तरह के पहले प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। सरकार का उद्देश्य लोगों में देश प्रेम की भावना जाग्रत करना और उन्हें सीमाओं, सीमावर्ती क्षेत्रों से रूबरू कराना है।

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद और नेहरू स्मारक संग्रहालय-पुस्तकालय, अभिलेखागार महानिदेशक, गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के अफसरों के साथ बैठक करने के बाद ये फैसला लिया। 

इस प्रोजेक्ट के तहत बॉर्डर के बारे में जानकारी, उनका बनना, बिगड़ना, सीमाओं का स्थानांतरण, सुरक्षाबलों की भूमिका, सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की भूमिका, उनकी जातियता, संस्कृति और आर्थिक पहलुओं का उल्लेख किया जाएगा। यह प्रोजेक्ट दो साल में पूरा हो जाएगा। 

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, राजनाथ सिंह ने इस दौरान सीमाओं के इतिहास का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि इससे सामान्य लोगों में सीमाओं के बारे में समझ बढ़ेगी और अधिकारियों को भी इससे विशेष फायदा होगा। इस दौरान सिंह ने अधिकारियों से मिली सलाह की भी सराहना की।