रक्षा मंत्रालय ने बीते अगस्त में पीएम मोदी के आत्मनिर्भर भारत मिशन के तहत 101 प्रोडक्ट्स के इम्पोर्ट पर रोक लगाई थी। अब एक दूसरी सूची जारी की गई है जिसमें सामान्य पाट्र्स समेत कई हथियार प्रणालियों के आयात पर बैन लगा दिया गया है। 

नई दिल्ली। देश रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के लिए कई बड़े फैसले ले रहा। रक्षा मंत्रालय ने 108 प्रोडक्ट्स को विदेशों से इम्पोर्ट करने पर रोक लगा दी है। इन प्रोडक्ट्स में साधारण पाट्र्स के अलावा हाईटेक्निक वेपन सिस्टम भी शामिल है। अब इन सामानों को ‘मेक इन इंडिया’ के तहत निर्माण को बढ़ावा दिया जाएगा। 
दरअसल, रक्षा मंत्रालय उपकरणों और अन्य प्रोडक्ट्स के स्वदेशीकरण को लेकर प्रयासरत है। वह किसी भी प्रोडक्ट्स पर विदेशी निर्भरता को कम करने के साथ एक्सपोर्ट के लिए खुद को तैयार कर रहा है। इसी दिशा में आगे कदम बढ़ाते हुए रक्षा मंत्रालय ने ​​​108 वस्तुओं ​का विदेशों से आयात करने पर रोक लगा दी है।​ ​​​रक्षा मंत्री ​​राजनाथ सिंह ने​ ​​​सैन्य मामलों के विभाग​ (एमडीए)​ के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।​​ ​अब सूची में दर्ज सभी 108 प्रोडक्ट्स की खरीद स्वदेशी स्रोतों से ​ही ​की जाएगी​​।

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अगस्त में 101 सामानों के इम्पोर्ट पर लगी थी रोक

रक्षा मंत्रालय ने बीते अगस्त में पीएम मोदी के आत्मनिर्भर भारत मिशन के तहत 101 प्रोडक्ट्स के इम्पोर्ट पर रोक लगाई थी। अब एक दूसरी सूची जारी की गई है जिसमें सामान्य पाट्र्स समेत कई हथियार प्रणालियों के आयात पर बैन लगा दिया गया है। ​​इस ​​दूसरी सूची को ​दिसंबर,​ 2021 से ​दिसंबर​,​ ​2025 तक ​पूरी तरह लागू करने की योजना है​​।​ दूसरी सूची में सेंसर, सिम्युलेटर, हथियार और गोला-बारूद, हेलीकॉप्टर, नेक्स्ट जनरेशन के कार्वेट, एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम, टैंक इंजन, पहाड़ों के लिए मध्यम शक्ति रडार, एमआरएसएएम हथियार प्रणाली समेत ​108 आइटम शामिल ​किये गए ​हैं​।​ जबकि पहली सूची में कई बड़े हथियार जैसे ऑर्टलरी गन, रायफल, फाइटर वाहन, कम्यूनिकेशन इक्यूपमेंट, रडार, बुलेट फ्रूफ जैकेट, माल वाहन, पनडुब्बी और भी बहुत कुछ शामिल थे, जो अब भारत में बन रहे हैं।