दिल्ली के चांद बाग इलाके में आईबी के असिस्टेंट सिक्योरिटी अफसर का शव बरामद किया गया है। जिसकी पहचान अंकित शर्मा के रूप में की गई है। हालांकि मौत का कारण अभी तक पता नहीं चल सका है।   

नई दिल्ली. संशोधित नागरिकता कानून को लेकर दिल्ली में जारी हिंसा में अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि 150 से अधिक लोग घायल हैं। शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए दिल्ली पुलिस लगातार कदम उठा रही है। वहीं, पैरामिलिट्री फोर्स की भी तैनाती की गई है। इन सब के बीच दिल्ली के चांद बाग इलाके में आईबी के असिस्टेंट सिक्योरिटी अफसर का शव बरामद किया गया है। जिसकी पहचान अंकित शर्मा के रूप में हुई थी। अब इस मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट से बड़ा खुलासा हुआ है। शर्मा की हत्या चाकुओं से गोदकर की गई है । उनके पुरे शरीर पर चाकुओं से वार किया गया था। 

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कांस्टेबल भी हो चुका है शहीद 

दिल्ली हिंसा में दंगाईयों के गोली के चपेट में आने से सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिस कांस्टेबल रत्नलाल भी शहीद हो चुके हैं। वहीं, आईबी अफसर के मौत का कारण अभी तक पता नहीं चल सका है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। 

मौजपुर से गोकुलपुरी तक सुरक्षाबलों ने किया मार्च

उत्तर पूर्वी दिल्ली के मौजपुर से गोकुलपुरी तक सुरक्षाबलों ने फ्लैग मार्च किया। सुरक्षाबलों ने लोगों से घरों में रहने की अपील की। साथ ही यह भी कहा कि किसी भी तरह की हिंसा अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस क्षेत्र में पिछले 3 दिन में सबसे ज्यादा हिंसा हुई है।

हिंसा की शुरुआत कैसे हुई?

यह हिंसा पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद और उसके आसपास के इलाकों में हो रही है। 22 फरवरी को देर रात जाफराबाद में मेट्रो स्टेशन के पास कुछ महिलाएं नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन करने बैठीं थीं। 23 फरवरी को जाफराबाद के पास मौजपुर में नागरिकता कानून के समर्थन में प्रदर्शन किए गए थे।

इसके बाद दोनों गुटों में झड़प हुई थी। यह झड़प और हिंसा 24 और 25 फरवरी को भी जारी रही। यह हिंसा मौजपुर, भजनपुरास, बाबरपुर करावल नगर, शेरपुर चौक, कर्दमपुरी और गोकलपुरी समेत उत्पर पूर्वी दिल्ली में हुई।