नई दिल्ली. कृषि कानूनों के विरोध में पंजाब और हरियाणा के किसानों ने गुरुवार को दिल्ली पहुंचने की कोशिश की, लेकिन प्रशासन ने उन्हें कई जगहों पर रोक दिया। बैरिकेड्स लगाए। वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया। फिर भी किसान पीछे नहीं हटे तो हरियाणा बॉर्डर पर प्रशासन ने सड़क ही खोद दी। हालांकि आज भी किसान दिल्ली चलो आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए राजधानी पहुंचने की कोशिश करेंगे। वहीं आंदोलन की हवा अब उत्तर प्रदेश तक पहुंच गई है। भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि यूपी का किसान सड़क पर उतरेगा। राकेश ने कहा कि यूपी के किसान दिल्ली-देहरादून हाईवे को जाम करेंगे।

10 प्वॉइंट्स में बताते हैं कि किसानों के आंदोलन को लेकर अब तक क्या-क्या हुआ?

  1. पंजाब के प्रदर्शनकारी किसान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद हरियाणा पहुंच गए। हरियाणा सीमा पर किसानों को पानी की बौछारों और बैरिकेड्स का सामना करना पड़ा। देर शाम तक पंजाब और हरियाणा से आए कुछ प्रदर्शनकारी दिल्ली के करीब पहुंचे, लेकिन सीमा पर पुलिस ने उन्हें रोक दिया। हरियाणा के पानीपत टोल प्लाजा पर कई किसानों को रोका गया है, लेकिन उनमें से कुछ हलवाना जाने में कामयाब रहे, जो दिल्ली से लगभग 62 किलोमीटर दूर है।
  2. हरियाणा पुलिस ने दिल्ली चलो विरोध मार्च के चलते नेशनल हाईवे 10 (हिसार-रोहतक-दिल्ली) और नेशनल हाईवे 44 (अंबाला-पानीपत-दिल्ली) पर आम आदमियों को आने से बचने के लिए कहा है। 
  3. दिल्ली से एनसीआर तक मेट्रो सेवाओं को अगले आदेश तक निलंबित कर दिया गया है। 
  4. गुरुवार की सुबह पंजाब-हरियाणा शंभू बॉर्डर पर पुलिस और पंजाब के किसानों के बीच टकराव देखा गया। पुलिस ने लाउडस्पीकर से किसानों को पीछे हटने की घोषणा की, लेकिन किसानों ने आदेशों की अवहेलना की और बैरिकेड्स को धक्का दे दिया। हरियाणा पुलिस ने किसानों पर वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और आंसूगैस के गोले दागे, लेकिन किसान पीछे नहीं हटे।
  5. अंबाला जिले में भी टकराव हुआ। पंजाब की सीमा से लगे हरियाणा के सिरसा, कुरुक्षेत्र, फतेहाबाद और जींद जिलों में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई। पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए सड़क पर सीमेंट और स्टील के बैरिकेड्स और ट्रक खड़े कर दिए थे।
  6. किसानों को पंजाब-हरियाणा सीमा से लगे अधिकांश जगहों पर जाने दिया गया। कुछ प्रदर्शनकारी शुरू में पैदल ही बैरिकेड्स पार करने में कामयाब रहे। बाद में पुलिस ने नाकाबंदी में ढील दी और लगभग 200 किलोमीटर दूर दिल्ली की तरफ जाने के लिए ट्रैक्टरों से आगे गए।
  7. करनाल में भी किसान और पुलिस के बीच झड़प हुई। पुलिस ने फिर से वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। दोपहर तक पंजाब और हरियाणा से प्रदर्शनकारियों के कई ट्रैक्टर दिल्ली की ओर जा रहे थे।
  8. पंजाब के एक प्रदर्शनकारी किसान ने कहा कि यह निंदनीय है कि हरियाणा पुलिस शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की सभा को दबाने के लिए ऐसा काम कर रही है। हम शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे हैं, लेकिन वे हमें अपने लोकतांत्रिक अधिकार का इस्तेमाल करने से रोकना चाहते हैं।
  9. पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह और उनके हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर के बीच ट्विटर पर काफी बहस हुई। सिंह ने किसानों के संवैधानिक अधिकारों को दबाने के लिए हरियाणा सरकार पर हमला किया। मनोहर लाल खट्टर ने जवाब दिया और कहा कि वह केंद्र के एमएसपी कानून का समर्थन करते हैं। 
  10. शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल ने भी विरोध को विफल करने के प्रयासों की आलोचना की।