नागरिकता संसोधन बिल को राष्ट्रपति से मंजूरी मिलने के बाद दिल्ली में इस कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी हैं। दिसंबर में दिल्ली के जामिया और सीलमपुर में हिंसक प्रदर्शन भी हुए थे।

नई दिल्ली. नागरिकता संसोधन बिल को राष्ट्रपति से मंजूरी मिलने के बाद दिल्ली में इस कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी हैं। दिसंबर में दिल्ली के जामिया और सीलमपुर में हिंसक प्रदर्शन भी हुए थे। इस दौरान सार्वजनिक संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचा था। अब यूपी की तर्ज पर दिल्ली पुलिस भी संपत्तियों के नुकसान का हर्जाना वसूलने की तैयारी में है। 
दिल्ली पुलिस ने इसके लिए हाईकोर्ट में एक अर्जी दायर की है। इसमें पुलिस ने क्लेम कमिश्नर नियुक्त करने की मांग की, जिससे सार्वजनिक संपत्तियों के नुकसान का अंदाजा लगाया जा सके। साथ ही पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश का भी हवाला दिया, जिसमें सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वालों से भारपाई की बात कही गई।

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15 और 16 दिसंबर को हुई थी हिंसा
दिल्ली में नागरिकता कानून का लगातार विरोध हो रहा है। लेकिन 15 दिसंबर को दिल्ली के जामिया इलाके में हिंसक प्रदर्शन की घटनाएं सामने आई थीं। यहां प्रदर्शनकारियों ने बस में आग लगा दी थीं। इसके बाद जामिया यूनिवर्सिटी में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प भी हुई थी। इसके 1 दिन बाद दिल्ली के सीलमपुर इलाके में भी हिंसक प्रदर्शन हुए थे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने बसों पर पथराव किया था। पुलिस पर भी पत्थरबाजी की थी।