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दिल्ली दंगा: कोर्ट ने कहा- उमर खालिद ने ताहिर हुसैन के साथ मिलकर रची साजिश, ड्राइवर ने खोली दोनों की पोल

मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट दिनेश कुमार ने कहा, खालिद के खिलाफ पिछले साल फरवरी में खजूरी खास इलाके में हुई हिंसा के मामले में कार्रवाई के लिए पर्याप्त सबूत हैं। कोर्ट ने कहा, गवाह के बयान यह साबित करने के लिए पर्याप्त हैं कि उस वक्त खालिद कथित रूप से हुसैन के संपर्क में था। 
 

Delhi riots court said Omar Khalid and Tahir Hussain conspired together kpn
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New Delhi, First Published Jan 6, 2021, 8:41 AM IST
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नई दिल्ली. जेएनयू के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद और आम आदमी पार्टी से निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन ने दिल्ली दंगों की साजिश रची थी। दिल्ली की एक कोर्ट ने कहा, यह दिखाने के लिए प्रथमदृष्टया उपयुक्त आधार मौजूद हैं। कोर्ट ने मामले में पूरक आरोपपत्र का संज्ञान लेते हुए यह टिप्पणी की है।

हुसैन के संपर्क में था खालिद
मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट दिनेश कुमार ने कहा, खालिद के खिलाफ पिछले साल फरवरी में खजूरी खास इलाके में हुई हिंसा के मामले में कार्रवाई के लिए पर्याप्त सबूत हैं। कोर्ट ने कहा, गवाह के बयान यह साबित करने के लिए पर्याप्त हैं कि उस वक्त खालिद कथित रूप से हुसैन के संपर्क में था। 

हुसैन मुख्य आरोपी है, जिसने सांप्रदायिक दंगा भड़काने के लिए पैसे दिए। उसने ही भीड़ को घर से बाहर निकलने और संपत्तियों को जलाने के लिए उकसाया।
यह नोट किया गया कि अभियोजन पक्ष ने आरोप पत्र में आरोप लगाया है कि खालिद दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में सांप्रदायिक दंगों को भड़काने के लिए  आपराधिक साजिश में सक्रिय भागीदार था।
 
भीड़ को भड़काने, संपत्तियों को जलाने का आरोप
आरोपी व्यक्तियों द्वारा उकसाने के कारण, एक भीड़ जमा हो गई थी जिसने व्यक्तियों को लूट लिया था और घरों और दुकानों सहित संपत्तियों को जला दिया था। उन्होंने सार्वजनिक संपत्ति को भी नष्ट कर दिया था।

हुसैन के ड्राइवर ने दी गवाही, बताई पूरी कहानी

  • ताहिर हुसैन के ड्राइवर राहुल कसाना ने कोर्ट में गवाही दी। उसने बताया कि दिल्ली दंगों के दौरान वह हुसैन का ड्राइवर था। कोर्ट ने कहा कि उसके बयान के अनुसार, कसाना ने आरोपी हुसैन को कथित रूप से उन लोगों को पैसे बांटते देखा था जो नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे।
  • बयान में कहा गया है कि 8 जनवरी, 2020 को वह हुसैन को शाहीन बाग ले गया था, जहां  कार में सवार होकर एक कार्यालय में दाखिल हुए थे। कुछ समय बाद उन्होंने खालिद सैफी के साथ उमर खालिद को कार्यालय के घुसते हुए देखा था।
  • कोर्ट ने कहा, लगभग 1-1.5 घंटे के बाद आरोपी ताहिर हुसैन कार्यालय से बाहर आ गया था। इस गवाह का बयान यह बताने के लिए पर्याप्त है कि उस समय आरोपी उमर खालिद आरोपी ताहिर हुसैन के संपर्क में था, जिसके खिलाफ प्राइमा फेशियल में रिकॉर्ड पर पर्याप्त सामग्री है।
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