संयुक्त किसान मोर्चा ने विपक्ष से अपील की है कि वो सदन से वॉकआउट कर केंद्र सरकार को लाभ ना पहुंचाएं बल्कि संसद के अंदर बैठ कर किसानों के मुद्दे पर सरकार को घेरें। 

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में देश का सियासी पारा चढ़ने वाला है। एक तरफ जहां विपक्ष सदन में सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरेगा वहीं संसद के बाहर किसान भी तीन कृषि कानूनों को रद्द करने के लिए नई रणनीति का ऐलान किया है। संयुक्त किसान मोर्चा ने ऐलान किया है कि वह विपक्षी दलों को रोज एक वार्निंग लेटर भेजेगा।

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विपक्ष को किसान रोज भेजेंगे एक वार्निंग लेटर

संसद का मॉनसून सत्र 19 जुलाई से शुरू हो रहा है। किसान अपनी मांगों को लेकर विपक्षी दलों को एक वार्निंग लेटर भेजेंगे। रोज ब रोज किसानों का लेटर विपक्षी दलों को भेजा जाएगा। लेटर के जरिए संसद के अंदर बैठे विपक्षी पार्टियों के सदस्यों से कहा जाएगा कि वो संसद में किसानों की आवाज को उठाएं। 

संसद के बाहर भी किसान करेंगे प्रदर्शन

किसान संयुक्त मोर्चा सरकार के खिलाफ संसद के बाहर भी मोर्चा संभालेगा। अलग-अलग किसान संगठनों के 5 सदस्य संसद के बाहर प्रदर्शन करेंगे। संयुक्त किसान मोर्चा के मुताबिक किसानों के मांग के समर्थन में संसद के बाहर करीब 200 किसान प्रदर्शन करेंगे। 

40 से अधिक किसान संगठन नवम्बर 2020 से हैं धरनारत

केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के विरोध में पिछले साल नवम्बर से किसान विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। 40 से ज्यादा किसान संगठन, संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले दिल्ली की सीमाओं डटे हैं। 

किसानों की अपील विपक्ष वॉकआउट न करे, आवाज उठाए

संयुक्त किसान मोर्चा ने विपक्ष से अपील की है कि वो सदन से वॉकआउट कर केंद्र सरकार को लाभ ना पहुंचाएं बल्कि संसद के अंदर बैठ कर किसानों के मुद्दे पर सरकार को घेरें। 

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