कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन जारी है। इसी बीच शुक्रवार को किसान नेताओं और सरकार के बीच 11वें दौर की बातचीत हुई। हालांकि, यह बेनतीजा रही। सरकार ने बैठक में साफ कर दिया कि वे कृषि कानूनों पर डेढ़ साल तक रोक के प्रस्ताव से ज्यादा कुछ नहीं कर सकती। इसी के साथ सरकार ने अगली बैठकक की तारीख भी तय नहीं की। 

नई दिल्ली. कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन जारी है। इसी बीच शुक्रवार को किसान नेताओं और सरकार के बीच 11वें दौर की बातचीत हुई। हालांकि, यह बेनतीजा रही। सरकार ने बैठक में साफ कर दिया कि वे कृषि कानूनों पर डेढ़ साल तक रोक के प्रस्ताव से ज्यादा कुछ नहीं कर सकती। इसी के साथ सरकार ने अगली बैठकक की तारीख भी तय नहीं की। 

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इसी बीच किसान नेता ने दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। किसान नेता ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने डंडे से पंजाब किसान यूनियन के प्रेजिडेंट रूलदु सिंह मानसा की कार का कांच तोड़ दिया। लेकिन घटना का वीडियो जल्द सामने आ गया, इससे सरकार को बदनाम करने की साजिश सबके सामने आ गई। 

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क्या था मामला?
दरअसल बैठक से पहले विज्ञान भवन के बाहर सिक्योरिटी चेक के लिए किसानों की कार को रोका गया। इस दौरान किसान नेता राकेश टिकैत भी खड़े नजर आ रहे हैं। जब पुलिस ने सिक्योरिटी चैक के लिए किसान नेताओं की गाड़ी रोकी, तो एक किसान ने अपना आपा खो दिया और अपनी कार का शीशा डंडे से तोड़ दिया। इसके बाद आगे चलकर उसने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने रूलदु सिंह मानसा की कार का कांच तोड़ा। लेकिन वीडियो सामने आने के बाद सच्चाई सबके सामने आ गई। 

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