पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर देशभर में नाराजगी देखत हुए केंद्रीय वित्तमंत्रालय इन दोनों पर एक्साइज ड्यूटी कम करने जा रहा है। इससे 15 मार्च तक कीमतें घट सकती हैं। बता दें कि कुछ शहरों में पेट्रोल की कीमत 100 रुपए के पार कर चुकी है।

नई दिल्ली. पेट्रोल-डीजल की कीमतों से नाराज लोगों के लिए एक खुशखबरी है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय इन दोनों पर एक्साइज ड्यूटी घटाने की प्लानिंग कर रही है। माना जा रहा है कि इस पर 15 मार्च तक फैसला ले लिया जाएगा। इसके बाद दोनों की कीमतें कम हो जाएंगी। कुछ शहरों में पेट्रोल की कीमत 100 रुपए के पार कर चुकी है। बता दें कि अप्रैल से दिसंबर, 2020 के बीच 4.21 लाख करोड़ रुपए का रेवेन्यू सरकार को मिला है।

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जानें अब क्या...

  • पिछले तीन दिनों से पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़े हैं। लेकिन पहले से ही रेट अधिक होने से लोग परेशान हैं। पिछले 10 महीनों में कच्चे तेल की कीमतें दोगुनी हो चुकी हैं। इस समय पेट्रोल औसत 92 रुपए और डीजल औसतन 86 रुपए चल रहा है। कुछ शहरों में यह 100 के पार है। ऐसे में लोगों की नाराजगी को देखते हुए यह फैसला लिया जा सकता है।
  • बता दें कि डीजल-पेट्रोल पर केंद्र सरकार एक्साइज ड्यूटी लगाती है, जबकि राज्य सरकारें वैट। पिछले दिनों सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने एक बयान दिया था कि राम के भारत में पेट्रोल 93 रुपए, जबकि रावण कीलंका में 51 रुपए और सीता के नेपाल में 53 रुपए है।
  • सोमवार को सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार केवी सुब्रमण्यम ने सलाह दी थी कि पेट्रोल-डीजल को GST के दायरे में लाना चाहिए। अभी भारत में दोनों पर दोगुना टैक्स लगता है। केंद्र सरकार ने सालभर में दो बार एक्साइज ड्यूटी बढ़ाई है।
  • एक्साइज ड्यूटी घटाने को लेकर राज्य सरकारों से चर्चा चल रही है। इधर, पंजाब, बंगाल, असम आदि कुछ राज्यों ने पेट्रोलयिम पदार्थों पर टैक्स घटा दिया है।
  • 31 मार्च 2020 को खत्म हुए वित्त वर्ष में केंद्र और राज्य सरकार ने पेट्रोलियम सेक्टर से 5.56 लाख करोड़ रुपए का रेवेन्यू जुटाया था। अप्रैल से दिसंबर 2020 के बीच 4.21 लाख करोड़ रुपए का रेवेन्यू मिला है।

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